गणेश जी की पूजा बिसर्जन के साथ ही घर घर मे पितरों की पूजा हवन श्राद्ध हुवा सुरु।*
*आर डी गुप्ता*
करगी रोड कोटा बिलासपुर-- हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूरे भारत वर्ष में विघ्नहर्ता प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की स्थापना, के बाद पूजा आरती हवन कर सभी ने आशीर्वाद प्राप्त किया विघ्नों को हरण करने वाले सुख सम्पदा देने वाले श्री गणेश जी जी से, अनन्त चतुर्दसी के बाद गजानन स्वामी की बिदाई के साथ ही। पितरों पूर्वजो के स्मरण पूजा अर्चना श्राद्ध के दिन सुरु हो गए।
ऐसा माना जाता है कि पितरों की पूजा तर्पण और हवन कर प्रसन्नं करने का यह पित्र पक्ष बहुत ही उत्तम समय है। पितरो के खुश होने से पारिवारिक क्लेश दूर होते है, घर परिवार में सुख, संम्पति, स्वास्थ, मान, सम्मान और सुमति अपने आप आती है। दैहिक जीवन मे उनकी सेवा में जो त्रुटियां हुई होती है परिवार और बच्चों से जिनसे पूर्वज नाराज होते है, तो इस समय उनकी याद में जल तर्पण कर कुशा तिल, जावा, सफेद पुष्प अर्पित कर, हवन, और श्राद्ध कर पंडितों को दान भोजन कराकर खुश कर आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः मम् मन कामना सिद्धि कुरु कुरु स्वहा का मंत्र जप कर पूजा करने से बिसेष लाभ पूण्य प्राप्त होतें है।

Comments