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*कोरोना पॉज़िटिव, निगेटिव पेसेंट को हॉस्पिटल कोटा से नही मिल रहे लिखित में कोई प्रमाण पत्र।*

*कोरोना पॉज़िटिव, निगेटिव पेसेंट को हॉस्पिटल कोटा से नही मिल रहे लिखित में कोई प्रमाण पत्र।*
*होम आइसोलेशन में कोरोना पॉज़िटिव पेसेंट को नही देखने पहुँच रहे सरकारी डॉक्टर।*

 *पेसेंट के परिजनों का आरोप कोरोना से संबंधित दावा भी होम आइसोलेशन में हॉस्पिटल से नही उपलब्ध कराई जा रही।*

*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज*

11/09/2020

*कोटा बिलासपुर*--कोटा हॉस्पिटल में कोरोना जाँच की सुविधा उपलब्ध होने से, जाँच में लोगो को सुविधा हो रही है।

 सरकार ने कोविड 19 के पेशेंट्स के लिए अलग से बेड लगाने और समुचित इलाज की भी घोषणा की है।

इसलिये अब और सुबिधा बढ़ेगी इलाज भी उचित होगा। परंतु जिन ब्यक्तियों की कोरोना जाँच होती है और पॉजिटिव आते है उन्हें हल्के लच्छणो की वजह से होम आइसोलेशन की सलाह डॉक्टरों के द्वारा दी जाती है। 

परंतु पेसेंट के परिजनों ने बताया की जाँच के बाद से कोई भी डॉक्टर देखने या पेसेंट का हाल नही पूछा न ही चेकअप करने आये। जबकि कोविड 19 पॉज़िटिव केश संबेन्दन सील मामला है, डॉक्टरों को बीच बीच मे चेक करना चाहिये।

कोरोना से संबंधित कोई दवा भी होम आइसोलेशन में रहने वाले पेशेंट्स को कोटा सरकारी हॉस्पिटल से नही दी गई है।
क्या घर मे पड़े पड़े पेसेंट ठीक हो जाएगा ?

जाँच के बाद किसी ब्यक्ति का टेस्ट निगेटिव आता है तो उसे  प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिये जिससे वह अपना काम समाज के बीच जा कर कर सके। और बात सके कि मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

घरों में क्वारेंनटाइन कर रखे गए पेशेंट्स को जो पॉज़िटिव है होम आइसोलेशन में है उन्हें डॉक्टर्स की सहायता घर जा कर देखने की मिलनी चाहिए, क्योकि वह बाहर बार बार निकले गें चेकअप के लिये तो निस्चित रूप से संक्रमण बढ़ेगा। और लोग प्रभावित हो सकते है।
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