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*सिम्स में संभागायुक्त के निर्देश का नही हुआ असर, आर टी पी सीआर टेस्ट का नही बढ़ा समय, एक ही शिफ्ट में हो रही जाँच,*

*सिम्स में संभागायुक्त के निर्देश का नही हुआ असर, आर टी पी सीआर टेस्ट का नही बढ़ा समय, एक ही शिफ्ट में हो रही जाँच,*
*कोरोना के कोविड 19 की जाँच के लिये सिम्स में पहले 300 सौ से 400 सौ के लगभग लिए जाते थे सैम्पल, अब घटकर 100 से 200 हो गये।*

*आर डी गुप्ता* 
*इंडिया क्राइम न्यूज़*

*26/09/2020*

*बिलासपुर*--   बिलासपुर जिले में कोरोना का प्रकोप अभी कम नही हुआ है। संक्रमित लगातार मिल रहे है, फिर भी  सिम्स प्रबन्धन ने आर टी पी सी आर टेस्ट की रफ्तार आधी कर दी। इस आशय में संभागायुक्त ने टेस्ट बढ़ाने के निर्देश दिए थे। आज टेस्ट को अधिक मात्रा में ज्यादा से ज्यादा लोगो का करना जरूरी है।

दरअसल बिस्वस्वास्थ संगठन डब्ल्यूएचओ की जारी गाइडलाइन के अनुसार जिस ब्यक्ति का रैपिड एंटीजेन टेस्ट पॉजिटिव आएगा वह कोविड 19 से संक्रमित मन जायेगा। रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो उस ब्यक्ति का आर टी पी सी आर टेस्ट कराने के जरूरी निर्देश है।

 जिससे कोविड 19 की पहचान सूक्ष्मरूप में की जा सके। परन्तु सिम्स में ऐसा नही हो रहा है। या तो सिम्स की लापरवाही मानी जाय या फिर  हेल्थ वर्कर्स की हड़ताल का प्रभाव। जो भी हो पर जाँच में देरी लापरवाही उचित नही है।

 कई बार ऐसा होता है कि सर्दी खाँसी,बुखार के सामान्य लक्षण है फिर भी रैपिड एंटीजेन रिपोर्ट निगेटिव आती है।और आई भी है फिर उसी ब्यक्ति की आर टी पी सी आर जाँच पॉजिटिव अति है। ऐसी परिस्थिति में यदि सही समय पर आर टी पी सी आर की जांच नही होती, और वह ब्यक्ति समाज के बीच घूमता मिलता रहता है तो संक्रमित बढेंगे, इस लिये जाँच की समुचित ब्यवस्था होनी जरूरी है। जाँच तीन शिफ्टों में होना आवश्यक है।
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