रिपेयरिंग के नाम मे गड्ढों में मिट्टी डस्ट डाल कर हो जाते है जिम्मेदारी से मुक्त..बरसात में इससे कीचड़ बन कर फैल रहा सड़क में.. फिसल कर गिर रहे है लोग।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा - बिलासपुर-- कोटा बिकाशखण्ड के नगर कोटा में मेन रोड की हालत बहुत जर्जर हो गई है खास तौर पर गायत्री मंदिर थाना के पास से लेकर रेल्वे स्टेशन तक रोड में आधा फिट से बड़े बड़े गहरे गड्ढे हो गए है।बरसात में पानी भर जाता है।रोड पूरी तरह से कट गई है तलैया छोटे तालाबो में तब्दील हो गई है।बड़े बहन निकलते है तो पैदल चलने वाले साइकिल सवार कीचड़ से सन जाते है। मोटरसाइकिल सवार गड्ढों में अचानक पहिया धस जाने से हादसे के शिकार हो रहे है।

रोड मेंटिनेंस कैसे होता है- जब ऐसे रोड में गड्ढे बढ़ जाते है,जनता आवाज लगाती है या कोई बड़े मिनिस्टर का प्रोग्राम होता है तब मातहत अधिकारी आनन फानन में रोड में गड्ढों में मिट्टी या डस्ट डाल कर बराबर करवा देते है जानकार बताते है कि इसका बिल भी बनता है कुछ दिन ठीक रहती है रोड जैसे पानी बरसता है बड़े बाहन चलते है तब इन गड्ढों की मिट्टी फैल कर रोड में फैल जाती है और फिसल कर लोग गिरते है।पानी बंद होने के बाद गड्ढों के साथ साथ रोड इस मिट्टी मलबे से ऊबड़ खाबड़ हो जाती है।गाड़ियां लड़खड़ाती है, सड़क में चलने वालों को रोड में झूले और तालाबो का डबल आनंद मिलता है।

कोटा नगरवासी शैलू ठाकुर( पत्रकार ) ने कहा-- कोटा की सड़कें टैक्स देने के बाद भी जानलेवा सड़के बन गई है बड़े बड़े गड्ढे हो गए है पानी तो रोड में तालाब जैसे भरा है रोड तो खेत जैसी दिखती है इनमें तो धान लगाना चाहिए, जनप्रतिनिधि,अधिकारी,विधायक, सांसद सभी आते जाते है पर कोटा की इस समस्या से अनजान है क्यों..?
कैसे होता है पेचवर्क जो जल्दी उखड़ जाता है ज्यादा हल्ला गुल्ला होने पर पेचवर्क भी होता है पर इन्ही खस्ताहाल सड़कों पर ऊपर से 1 से 2 इंच तक डामर बारीक गिट्टी की परत बिछा कर रोलर चला दिया जाता है और मेंटिनेंस के नाम पर खानापूर्ति हो जाती है 2 माह में ही यह परत उखड़ने लगती है बिल पास हो कर निकल जाते है। रोड में ठेंगरा लगाना ही मरम्मत है ऐसा जानकार बताते है।


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