*केदाई वन परिक्षेत्र में करनी किसी और कि भर रहा कोई और।*
*मामला केदाई रेंज का है तत्कालीन रेंजर के भ्रस्टाचार की कारस्तानी*
*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज*
*बिलासपुर* कोरबा (कटघोरा):- वनमंडल केदाई का एक और नया मामला उस समय सामने आया जब लगातार हो रही बारिश से लाखों की लागत से बनाई गई पुलिया पानी मे बह गई। बताया जाता है कि इस पुलिया के निमार्ण गांव के लोगो की परेशानियों को दूर करने के लिए किया गया था।
लेकिन लगता है कमीशन के बटवारे में विभाग स्टाप डेम की गुडवत्ता पर ध्यान देना ही भूल गया हैं। नतीजा ये सामने आया कि स्टाप डेम बारिश की एक फुहार को भी सह न सका और बह गया ।
यह कोई पहला मामला नही है इससे पहले भी केदाई रेंज के मदनपुर पंचायत के ग्राम कैरेहिया पारा में जाम पानी के बीच दो साल पहले पुल का निर्माण कराया गया था । पर वो भी वन विभाग की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
इस सम्बंध में मिली जानकारी के अनुसार जिस समय इस पुल पुलियों का निर्माण कराया गया था उस समय तत्कालिक रेंजर प्रहलाद यादव प्रभार में थे जिनके कार्यकाल में ये कार्य कराए गए थे जो वर्तमान में पाली रेंज के वन परीक्षेत्र अधिकारी है प्रहलाद यादव जिस समय केदाई रेंज में पदस्थ थे उस समय दो पुलियों को मंजूरी मिली थी जिसमे ग्राम पंचायत मदनपुर से ग्राम पुटा के बीच कच्ची सड़क पर नाले का निर्माण कराया जाना था पुल बनाये जाने के लिए शासन की ओर से राशि भी आबंटित कर दी गई थी । पर संबंधित अधिकारी ने इस कार्य मे गुडवत्ता की बजाए राशि के बटवारे को ज्यादा तवज्जो दिया था। जिसके कारण जो नतीजा सामने आ रहा है ये शायद उसी का ही परिणाम है। जिसके कारण अब ग्रामीणों को अपनी मसक्कत कर पुलिया पार करने की मजबूरी बन गई है।
वन विभाग में जिस तरह का कार्य कराया जा रहा है उसकी जांच का जिम्मा किसका है कौन इसकी जांच करता है क्या उसको खामियां नजर नही आती या फिर उनको भी पैसे की चमक ने अंधा कर दिया है ये सभी सवाल ज्वलंत है जिनका जवाब कभी ना कभी वन विभाग को देना ही होगा। आखिर तत्कालिक रेंजर प्रहलाद यादव ने गुडवत्ता का ध्यान क्यो नही रखा क्या इसके पीछे उनके उच्चधिकारीयो का हाथ है ये तो जांच होने के बाद ही सामने आएगा ।
*अभियंता ने दिया है निरीक्षण प्रतिवेदन* :- पोड़ी उपरोड़ा के एस डी ओ सीबी सिंह ने बताया है कि मदनपुर से ग्राम पुटा के बीच बनाया गया पुलिया के एक हिस्सा पानी मे बह गया है विभाग के उपअभियंता ने निरीक्षण प्रतिवेदन दिया है जिसमे ये बताया गया है कि पुलिया की मरम्मत नही की जा सकती है बल्कि इसे तोड़कर नए पुल का निर्माण निमार्ण करना होगा। इसका एस्ट्रक्चर पूरी तरह से खराब हो चुका है ।
*केदाई वन परिक्षेत्र में लाखों की लागत से बनी पुलिया,पानी मे बही,भ्रस्टाचार हुवा उजागर।*
*केदाई वन परिक्षेत्र में लाखों की लागत से बनी पुलिया,पानी मे बही,भ्रस्टाचार हुवा उजागर।*
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