*पिपरतराई से लगे जंगल में शेरनी या बाघ के पंजो के निशान मिलने से मचा हड़कम्प, एक बाघ के बच्चे के मृत होने के ख़बर से भी बाघ य शेर जैसे घातक जानवर के इस क्षेत्र में होने का हो रहा अहसास..।*
*कुछ दिनों से तेंदुआ भी कोटा डेम के आस पास दिखा, डीएफओ सहित उच्च अधिकारी भी पहुँचे जंगल में।*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*
*बिलासपुर-- आज सुबह से हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट कोटा के आसमान में गूँजती रही जैसे बिगत दिनों शेर या बाघ की दहाड़ का एहसास लोगो ने किया था। परंतु यह हेलीकाप्टर का नजारा कुछ अलग ही रह इसमे देखनेवाले बताते है कि इस मे एक लंबा जाल बांध है जो हवा में लहरा रहा है , मतलब साफ है कि लोगों के जान माल की रक्षा के लिए जंगल के अंदर सर्चिंग या बाघ की सही लोकेशन देखने के लिए बाघ को पकड़ने के लिए हेलीकाप्टर को आसमान पर उड़ाया जा रहा है ।*
*करगी रोड के आगे पीपरतराई से लगा अचानकमार के जंगल शुरू होते है यंही टाइगर रिजर्व एरिया भी है। आज पीपरतराई के आबादी क्षेत्र से दूर मरघटिया पारा में नीलेश भार्गव के गीले खेतो में शेरनी के पंजों को देखा गया । और शेरनी के पंजो की पुस्टि अचानकमार्क से आए वनरक्षकों के द्वारा किया गया और उन शेर या शेरनी या फिर बड़े विशाल काय बाघ के पंजो को लगभग 200 मीटर तक देखा गया फिर सलका डाईवर्सन नहर के बाद का पता नही चल पाया।पंजों के निशान देख कर वन अमला भी कन्फ्यूज है कि यह निशान शेर के है या बाघ के है यह पंजों की जांच के बाद ही एक्सपर्ट बात पाएंगे।*
*और अभी हालही में आज साम में कुछ लोगो द्वारा बताया जा रहा है कि कोटा मोड़ के पहले खेतों में काफी अंदर शेरनी को देखा गया है। बिगत दिनों कोटा डेम के पास तेंदुआ के होने की खबर लगी थी, वन बिभाग का अमला खबर मिलते ही सक्रिय हो उठा है और लोगों को उधार अकेले जाने से मना कर रहा है सावधान रहने की चेतावनी दी जा रही है। वंही कल जंगल के अंदर एक शेर के बच्चे के मरने की खबर आई है, मौके में पहुँचे वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ने भी शव को देख और पोस्टमार्डम के लिए भेजा। प्रथम द्रष्टया अधिकारियों ने इसकी बाघ के बच्चे के रूप पुस्टि की है। डीएफओ का कहना है कि अंधेरा हो जाने के कारण पोस्टमार्डम कल होगा तभी बाघ के बच्चे के मरने के कारणों का सही पता चल पाएगा। वैसे मृतक बाघ के बच्चे के शव को देखने से लगता है कुछ दिनों पहले मृत्यु हो गई थी लास खरब होने लगी है। पीएम रिपोर्ट से सब स्पस्ट हो जाएगा कि मृत्यु का सही कारण क्या है या इसके पीछे कोई वजह है।*
*हेली कॉप्टर की सर्चिंग से भी मामला गंभीर लग रहा है यह अचानकमार का जंगल काफी बड़ा है और कई राज्यो से अंदर ही अंदर जंगलों से जुड़ा है जो काफी दुर्गम है यँहा दूसरे प्रंतों के जंगलों से भी भटक कर ऐसे घातक शेर, बाघ, तेंदुआ,दुर्लभ चीता जैसे हिंसक जानवर भी आसकतें है या अन्य दुर्लभ जानवर भी आसकते है, इस लिए सिर्फ यह कहदेना कि अमुक जानवर इस जंगल मे नही है या इस प्रदेश में नही है यह तो वैसे ही है कि सामने शेर को देख कर आंख बंद कर लेना कि आंख तो बंद है अब यह नही खायेगा। जंगल और समुद्र में क्या है या नही है हैंड्रेड परसेंट कहना पूरी तरह से सही नही होगा। खतरे को नजर अंदाज नही करना चाहिए।*

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