*रात में भी सड़क पर कोटा बिलासपुर रायपुर मार्ग पर बड़ी तादाद में बैठी रहती है गयें, होते है खतरनाक एक्सीडेंट।*
*बड़े बहनों के कारण कई गायें मरती हैं सड़को पर, रात में नही जल्दी रोड़ पर दिखपाती गायें, होती है दुर्घटना।*
*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज*
14/09/2020
*कोटा बिलासपुर*--- आज के बढ़ते हुये ट्रैफिक पर, ब्यस्तता भरी जिंदगी में कोई रुकने को तैयार नही है। सड़क पर बाहनों का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सब कुछ रेडीमेड हो गया है।
गाय भारत के निवासियों खास कर किसानों के लिये गोधन है।गाय हमारी माता है।सभी देवी देवता गाय पर निवास करते है, द्वापर में भगवान श्री कृष्ण जी ने गौ सेवा गौ सुरक्षा को ही अपनी ताकत मानी, और इस धरती पर जब जब अत्याचार बढ़ा आसुरी सक्तियाँ बढ़ी तब तब गौ ब्राम्हण की रक्षा के लिये भगवान ने अवतार धरती पर लिया।
परंतु आज वही गाय माता को खुद पालने वाले ही सुरक्षा नही दे रहे जब तक दूध देती है तब तक बांध कर दाना खाना घास भूसा खिलाये बाद में लावारिस छोड़ दिये। और वह साफ सुखी जगह रोड पर आ कर रात काटती है, और बाहनों से टकराती है कभी खुद मरती है कभी सामने वाले कि जान जाती है।
छ ग में सरकार ने गोबर खरीदने का भी काम सुरु किया किसानों का आर्थिक स्तर सुधारने के लिये, अरे भाई उसी गाय का गोबर बेंच कर उसका पेट भरे और घर पर सुरक्षित बांध कर रखें तो ये सड़क में दुर्घटना ग्रस्त न हो ।
आजकल तो गये, जानवर भी सड़क में झुंडों में चलती है क्योंकि उनके चलने और चरने की जगहों पर कालोनाइजर अपना कब्जा जमा कर इमारते भी बना बैठे है, और सभी गौ चर जमीन बढ़ती आवादी के भेंट चढ़ गई, तो कँहा जाय ये बेचारी दुखियारी गौ माताएँ, आयोग भी बने पर राजधानियों में गांवों में गायों की हालत तो जस की तस है। अब सड़क ही सुरक्षित आसियान दिख रहा जंहा जान की परवाह किये बिना चलती है बैठती है।
*सड़कों पर गाय राज्य, खतरे को दे रहा आमंत्रण,याता यात में लगता जाम।*
*सड़कों पर गाय राज्य, खतरे को दे रहा आमंत्रण,याता यात में लगता जाम।* You may also like
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