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एकादशी का व्रत प्रत्येक वैष्णव को करना चाहिए -- आचार्य कृष्णकांत जी

नर्मदा घाट पर हुई महाआरती , शामिल हुए संत , भक्त , श्रद्धालुजन

भागवत कथा की भक्ति रस और नर्मदा क्षेत्र की झमाझम बारिश का भरपूर आनंद एक साथ प्राप्त हो रहा ।


संवाददाता - श्रवण उपाध्याय 

अमरकंटक - मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पावन पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित शांति कुटी आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का आज तीसरा दिवस है । कथा ब्यास आचार्य श्री कृष्णकांत शर्मा जी द्वारा भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा । गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व के पूर्व कथा का श्रवण शांति कुटी आश्रम में पधारे भक्तगण , संत और नगरवासी विराट कथा सत्संग हाल में भागवत के रसपान का लाभ प्राप्त कर रहे । अमरकंटक में लगभग सप्ताह भर से आषाढ़ मास के पावन अवसर पर बारिश क्षेत्र में अपना खूब आनंद वर्षा कर रही है ।

शांति कुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने कहा कि अमरकंटक में ज्यादा बारिश की वजह से नगर के ज्यादा भक्तों को कथा स्थल तक पहुंचने में दिक्कत पैदा हो रही है । लेकिन जो भक्तगण अन्यत्र जगह से आश्रम में पधारे हुए हैं उनको कथा का रस और वर्षा दोनों का आनंद खूब प्राप्त हो रहा है । 


एकादशी का व्रत प्रत्येक वैष्णव को करना चाहिए।
भागवत कथा मध्य ब्यास जी ने बताया कि एकादशी का व्रत सभी वैष्णव को करना चाहिए । अन्न ग्रहण करना और कराना पाप है ।

वैष्णव जनों को 64 निष्ठाओं में से तीन की करनी चाहिए । पहला नाम निष्ठा , द्वितीय एकादशी निष्ठा और तृतीय तुलसी निष्ठा ।  एकादशी व्रत जाने अनजाने में भी व्रत पूर्ण हो जाने पर पूर्ण माना जाता है । ब्यास जी यह बोले कि किसी भी संतो के पास बैठने से कुछ मांगने की जरूरत नहीं होनी चाहिए , उनके पास अपने आप मिल जाता है ,  जैसे एसी पास बैठने से ठंडी हवा प्राप्त हो जाती है मांगना नहीं पड़ता ।

नर्मदा तट रामघाट में हुई महाआरती 
आज संध्या समय भागवत कथा बाद नर्मदा जी के तट रामघाट पर नर्मदा जी की महाआरती की गई । आज की आरती मुख्य रूप से सुरेश/संगीता पांडे जांजगीर चांपा और मीनू/सर्वेंद्र रस्तोगी मेरठ वालो की तरफ से महाआरती के यजमान रहे और स्वामी जी की उपस्थिति में आयोजन कर महाआरती की गई तथा प्रसाद बांटा गया । स्वामी रामभूषण दास जी की उपस्थिति में यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था ।
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