इंडिया क्राइम न्यूज़
मुंगेली-- सार्वजनिक सड़क पर बालानी चौक से शंकर मंदिर रोड तिराहे पर पाता परमेश्वरी की मूर्ति स्थापना के निर्माण कार्य मे रोक लगाने के लिए सभी दुकानदारों द्वारा कलेक्टर महोदय, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार महोदय और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौपें गए ज्ञापन।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी 2013 को एक आदेश पारित करते हुए कहा था कि सभी राज्यों को आदेश में कहा कि सार्वजनिक स्थानों चौक चौराहा या तिराहे पर किसी भी प्रकार से मूर्ति स्थापना,गेट निर्माण के लिए अनुमति नही दी जाए फिर उस आदेश की अवहेलना कैसे किया जा सकता है ।
आलम ये है कि यह बिलासपुर पोंडी राष्ट्रीय राज मार्ग 130ए से लगा हुआ है और कहा गया कि सार्वजनिक उपयोगिता में किसी भी स्थान पर मूर्ति या किसी भी संरचना के निर्माण के लिए अनुमति प्रदान नही की जाए। एक अन्य मामले में केरल के वकील ने एम टी जार्ज सुंदरम नादर की प्रतिमा अनावरण के अनुमति मांगी गई तो न्यायमूर्ति लोढ़ा ने पूछा आप बीच सड़क पर मूर्ति क्यो लगाना चाहते हो जो नेताओ का महिमा मंडन करने के बजाए गरीबों के उत्थान के लिए धन का उपयोग क्यो नही करते।
जस्टिस लोढ़ा ने कहा, "सार्वजनिक सड़क किसी की संपत्ति नहीं है। प्रत्येक नागरिक को सड़क का उपयोग करने का अधिकार था और मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा का निर्माण करके या किसी सार्वजनिक व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करके इस अधिकार में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डाली जा सकती है।"
आपको बतादें कि ये मामला मुंगेली नगर पालिका परिक्षेत्र बालानी चौक का है यहां पर विवेकानंद वार्ड की पार्षद श्रीमती गायत्री आनंद देवांगन के द्वारा माता परमेश्वरी की मूर्ति को बालानी चौक में स्थापित करना चाहते हैं। अपने पार्षद निधि को वार्ड सौंदर्यीकरण में लगाये तो सुंदरता अपने आप दिखेगा।
चूंकि बालानी चौक पर विगत पचास (50) वर्षों से धार्मिक उत्सवों का आयोजन जैसे दुर्गोत्सव गणेशोत्सव,काली माता का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है इसके साथ ही राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त और 26 जनवरी का झंडा फहराया जाता है ये एकाकी मार्ग होने के नाते ट्रैफिक लोड अधिक रहता है यह व्यस्त मार्ग होने के साथ यातायात की दृष्टि से इस तिराहे से शंकर मंदिर रोड़ पर आवागमन का आम रास्ता है
इस चौक पर समय समय पर राजनीतिक दल और सामाजिक कार्यक्रम होते रहता है यंहा पर रोजी रोटी के साधन के रूप में दुकाने लगी हुई हैं मूर्ति स्थापित होने से दुकान दब जाएगा और दुकानदारों को आर्थिक रूप से क्षति पहुंचेगा।
व्यवस्तम मार्ग होने के नाते लोगो को पार्किंग की सुविधा मिल जाता है
उसी तारमतम्य में माता परमेश्वरी भगवान है जिसे चौक चौराहे पर न लगाकर मंदिर में स्थापित की जाए।
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