इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर - बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कोटा विकासखंड के स्वास्थ्य कार्यों की गहन समीक्षा दिनांक 9 जून 2026 को की।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी उन्मूलन और आयुष्मान योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश दिए
जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज विकासखंड कोटा में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मौसमी बीमारियों पर कड़ा पहरा: डायरिया और मलेरिया रोकने के निर्देश
वर्षा ऋतु और बदलते मौसम के मद्देनजर कलेक्टर ने डायरिया, मलेरिया, डेंगू और अन्य जलजनित व मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
सभी संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक और क्लोरिन टैबलेट का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मलेरिया प्रवण क्षेत्रों में त्वरित जांच (RDT) और उपचार की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
मितानिनों और मैदानी अमले के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने पर तुरंत कंट्रोल किया जा सके।
टीबी (TB) उन्मूलन और आयुष्मान योजना की समीक्षा
राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री अग्रवाल ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोटा ब्लॉक में मरीजों की खोज, उनकी नियमित जांच और डॉट्स (DOTS) दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी टीबी मरीज इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए और निक्षय पोषण योजना का लाभ सभी को समय पर मिले।
इसके साथ ही, आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस जनकल्याणकारी योजना के तहत क्षेत्र के शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बड़े अस्पतालों में निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। उन्होंने अस्पतालों में योजना के तहत मिल रहे इलाज की प्रक्रियाओं को और सरल व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
*कलेक्टर की अधिकारियों को दो टूक कहा*
"स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले हर मरीज को समय पर बेहतर इलाज और दवाइयां मिलनी चाहिए। मैदानी अमला अलर्ट मोड पर रहे और मौसमी बीमारियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखे।"
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), कोटा के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), खंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित थे।
बिलासपुर - बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कोटा विकासखंड के स्वास्थ्य कार्यों की गहन समीक्षा दिनांक 9 जून 2026 को की।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम, टीबी उन्मूलन और आयुष्मान योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश दिए
जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज विकासखंड कोटा में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मौसमी बीमारियों पर कड़ा पहरा: डायरिया और मलेरिया रोकने के निर्देश
वर्षा ऋतु और बदलते मौसम के मद्देनजर कलेक्टर ने डायरिया, मलेरिया, डेंगू और अन्य जलजनित व मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
सभी संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों में दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक और क्लोरिन टैबलेट का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मलेरिया प्रवण क्षेत्रों में त्वरित जांच (RDT) और उपचार की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
मितानिनों और मैदानी अमले के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने पर तुरंत कंट्रोल किया जा सके।
टीबी (TB) उन्मूलन और आयुष्मान योजना की समीक्षा
राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री अग्रवाल ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोटा ब्लॉक में मरीजों की खोज, उनकी नियमित जांच और डॉट्स (DOTS) दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी टीबी मरीज इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए और निक्षय पोषण योजना का लाभ सभी को समय पर मिले।
इसके साथ ही, आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस जनकल्याणकारी योजना के तहत क्षेत्र के शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बड़े अस्पतालों में निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। उन्होंने अस्पतालों में योजना के तहत मिल रहे इलाज की प्रक्रियाओं को और सरल व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
*कलेक्टर की अधिकारियों को दो टूक कहा*
"स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले हर मरीज को समय पर बेहतर इलाज और दवाइयां मिलनी चाहिए। मैदानी अमला अलर्ट मोड पर रहे और मौसमी बीमारियों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखे।"
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), कोटा के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), खंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM), चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित थे।
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