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कोटा में .. लंकाधिपति महाप्रतापी दशानन रावण और कुम्भकरण को नगर में घुमाया गया..राम के हाथों रावण का बध..सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रही।

कोटा के दशहरा का.. साल भर.. लोगों को रहता है इंतजार..निकलती है चलित झांकियां।

 इंडिया क्राइम न्यूज़ 

कोटा-- कोटा का दशहरा क्षेत्र में मशहूर है यंहा लगभग 100 गांवों के लोग दशहरा देखने आतें है।यंहा लोगों के आने का मुख्य आकर्षण का केंद्र विशाल काय रावण और कुम्भकरण की चलित झांकी बनाकर बाजे गाजे के साथ पूरे नगर में घुमाया जाता है।इस बीच भारी भीड़ देखने पहुँचती है। फिर श्री राम जी के द्वारा मंडी ग्राउन्ड में अग्निबाण से रावण और कुम्भ करण का बध किया जाता है।

इसके बाद ही नगर में एक दूसरे से सोन पत्ता देकर सभी आपस मे मिलते है गिले शिकवे दूर करते है। फिर यंहा नवरात्री के नव दिन के बाद दसवें दिन विजयदशमी मनाते है। इसी दिन भगवान राम ने दुराचारी, रावण का बध कर लंका में बिजय प्राप्त की थी इस लिए बिजयदशमी कहतें है। उत्तरप्रदेश में लोग एक दूसरे को पान का बीड़ा बनाकर खिलाते है गले मिलते है, छोटे बड़ों का चरण स्पर्श करते है।

कोटा में पंडालों में बिराजमान दुर्गा प्रतिमाओं में भंडारा चलता रहता है पूरी रात दर्शनार्थियों की भीड़ चलती रहती है। साथ ही चलित झांकियां देर रात में निकलती है इनको भी देखने के लिए लोग इंतजार करते रहतें है। ये झाँकियाँ भी आकर्षण का केन्द्र रहती है फिर यही झांकियां दूसरे दिन बिलासपुर के दशहरा की शोभा बढ़ाती है।

कोटा नगर में मेन रोड में दोनों तरफ ब्यापारियों के द्वारा दुकाने लगाई जाती है जिसमे मनिहारी, खिलौने, गुब्बारे, जनरलस्टोर, मिठाइयां, चाट, फल्ली, फल, कपड़ो की दुकान,होटल सजती है बाहर से दशहरा देखने आई महिलाओं पुरुषों, बच्चों की भीड़ यहाँ इन सामानों कों ख़रीदती है, इस दिन ब्यापारी और इनकी दुकाने सुबह तीन चार बजे तक खुली रहती है भीड़ ही रात भर चलती रहती है।

इस बार कोटा पुलिस ने भीड़ बढ़ते ही चौक चौराहों पर मोर्चा संभाल लिया थाना प्रभारी टी एस नवरंग और उनका पूरा स्टाफ बैरिकेट लगा कर भीड़ को नियंत्रित करते रहे।और शांति ब्यवस्था बनाते हुए  जनता और ब्यापारियों की सुरक्षा का  पूरा ख्याल रखा। अंदर घुसने से चारपहिया बहनों पर रोक लगा दी थी परंतु जब भीड़ ज्यादा बढ़ गई तो दो पहिया बहनों के भी मेन रोड में अंदर ले जाने में रोकते रहे जिससे ब्यवस्था न बिगड़े।
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