बिकाशखण्ड कोटा के.. ग्रामपंचायत चपोरा में.. मृतक महिला को.. आंगनबाड़ी सुपरवाजर ने मिलीभगत कर पहुँचाया योजना का लाभ.. जनता द्वारा लगये जा रहे आरोप।
चपोरा सुपरवाजर ने कागजातों का किया बेरीफिकेशन और महतारी बंदन योजना की ब्लाक में प्रभारी भी है।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा-बिलासपुर--कोटा बिकाश खण्ड, के कोटा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम चपोरा पंचायत में दो वर्ष पूर्व मर चुकी महिला के महतारी बंदन योजना के फार्म आवेदन और संलग्न दस्ताबेजों का सत्यापन का कार्य आँगन बाड़ी सुपरवाईजरों को करना था इनके सत्यापन के बाद महिला बाल बिकाश अधिकारी को बेरीफिकेशन करना होता है उसके बाद राज्य साशन को फाइनल लिस्ट पात्र हित ग्राहियों की जाती है या भेजी गई। फिर लिस्ट को सार्वजनिक किया गया।
इन तमाम प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद गलती की गुंजाइश नही रह जाती, यदि इसके बाद भी गलती होती है या हो गई है तो यह कार्य साशन की महत्वपूर्ण योजना में घोर लापरवाही, या जानबूझ कर मिलीभगत से योजना का लाभ मृतक को या उसके परिवार को पहुचने का प्रयास है। यह कार्य घोर लापरवाही का है ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर जाँच के पश्चात अपराध सिद्ध होने पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज होने चाहिए, जिससे आगे ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायत चपोरा का है । यहां रहने वाली एक महिला का निधन दो साल पहले अप्रेल 2022 में हो चुका है लेकिन स्वर्गबासी इस महिला के बैंक खाता xxxxxx20920 पर महतारी वंदन योजना की राशि एक हजार रूपए जमा हो गई । मिली जानकारी के अनुसार महिला के नाम से आवेदन क्रमांक एमवीवाय 001691481 जमा हुआ आवेदन के साथ बैंक खाता ,आधार सब लगा दिया गया । और अधिकारी कर्मचारी मिलीभगत कर इस महिला को भी पात्र बनाते हुए उसे योजना का लाभार्थी बना दिया।
अब यह रकम स्वर्ग में कैसे उक्त महिला तक ये चालबाज अपने कर्तब्यों के प्रति लापरवाह कर्मचारी, पहुँचएगे,
ज्ञात हो कि सामने लोक सभा चुनाव है और राजनीति के जानकारों की माने तो कहना कि महतारी बंदन योजना का अंडर करेंट ही छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन का कारण बनी, अब ऐसे में विपक्ष को मुद्दा मिल गया औऱ छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीट जितने भाजपा के दावों में ये कर्मचारियों का कृत्य कंही काँटा न बन जाये, इसलिए भी इस मुद्दे पर सबकी नजर है कि क्या कार्यवाही बिभाग करता है।
*एसडीएम कोट-संयुक्त कलेक्टर युगल किशोर उर्बशा जी ने कहा*--की महतारी बंदन योजना में मृत महिला को पात्र बनाकर उसके खाते में योजना का 1000/-आने की जानकारी प्रप्त हुई है। यह बहुत बड़ी लापरवाही है,इस पर विभागीय जांच होगी और जाँच के पश्चात दोषियों पर जो भी उचित होगा नियमानुसार कार्यवाई की जाएगी। किसी को सरकार की ऐसी महत्वपूर्ण योजनाओं के साथ खिलवाड़ नही करने दिया जाएगा।
*परियोजना अधिकारी कोटा-- सुरुचि श्याम राज मेडम जी*-- ने बताया कि चपोरा में मृतक महिला को सत्यापन के बाद पात्र पाया गया की जानकारी मिली है। क्योंकि आन लाइन फॉर्म,डॉक्यूमेंट सबमिट किये गए थे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दूसरे क्षेत्र की थी उसे पता नही चला और चपोरा आँगन बाड़ी क्षेत्र की सुपरवाइजर कीर्ती किरण नोर्गे है अपनी आई डी से इन्होंने उन कागजातों का बेरीफिकेसन किया सत्यापित किया और ये महतारी बंदन योजना की प्रभारी का कार्य भी देख रही है इनके सत्यापन को सही मानते हूऐ मैंने अपनी आईडी से बेरीफिकेशन या सत्यापन करते हूए राज्य साशन को भेज दिया। इसके बाद पात्र हित ग्राहियों की लिस्ट बनी, और सार्वजनिक की गई। उक्त 2 बर्ष पूर्व मृत पात्र महिला के खाते में 1000/-रुपये योजना की राशि आने के बाद मुझे इन सब बातों का पता चला है। इसमें चपोरा आँगन बाड़ी सुपरवाइजर, कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, आबेदन कर्ता,भी दोषी है। मैंने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिले के अधिकारियों को लिखित में सूचना दी हूँ, इसकी जाँच होगी जो भी दोषी होंगे बिभाग जो भी उचित होगा कार्यवाई करेगा।
वैसे पब्लिक डोमन से प्राप्त आन लाइन आबेदन फर्मो का संलग्न दस्ताबेजों का ही सत्यापन किये है। इस लिए ऐसी गलती हो गई है। फिर भी जाँच होगी।
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