इंडिया क्राइम न्यूज़
अमरकंटक --ओशोधारा मैत्री संघ छत्तीसगढ़ द्वारा शांति कुटी, अमरकंटक में 17 से 19 मई 2024 तक ध्यान योग एवं सुरति योग का आयोजन किया गया इस शिविर में अनुभवी आचार्य आचार्य प्रभाकर दर्शन जी,आचार्य मां वंदना जी ,आचार्य अमरेश झा जी ,आचार्य मां भक्ति पूर्णिमा जी,आचार्य संतोष चंद्रा जी द्वारा साधकों को साधना के सूत्र दिए गए ।

शिविर का शुभारंभ शांतिकुटीआश्रम अमरकंटक के महंत स्वामी रामभूषण दास जी के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया इस अवसर पर साधकों का मार्गदर्शन करते हुए ओशोधारा मैत्री संघ के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर आचार्य दर्शन जी ने बताया कि आज के भौतिकवादी युग में अध्यात्म के जिज्ञासुओं को परमात्मा की प्राप्ति तक पहुंचाने का वैज्ञानिक मार्ग ओशोधारा है। समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया द्वारा अध्यात्म के सारे मार्गो एवँ धर्म शास्त्रों पर वैज्ञानिक ढंग से गहन चिंतन करते हुए साधकों को साधना के पथ का जो मार्ग दिया गया है वह कभी भी साधकों को अपने लक्ष्य से भटकने नहीं देता है।

आज ओशो धारा से देश विदेश में लाखों साधक जुड़कर अपनी साधना में लीन है और निरंतर आध्यात्मिक ऊंचाइयां को छू रहें है ।
ध्यान योग शिविर के दूसरे दिन नाम दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें आचार्य दर्शन जी द्वारा 13 नये साधकों को नाद दीक्षा दी गई वही सुरती योग में साधकों को दिव्य नाद डिवाइन साउंड से परिचय कराया गया और इसका प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।
ओशोधारा मैत्री संघ छत्तीसगढ़ के राज्य कोऑर्डिनेटर आचार्य संतोष चंद्र जी ने बताया कि मां नर्मदा के उद्गम अमरकंटक के सुंदर मनोरम, दिव्य, पावन, भक्तिमय वातावरण में संतों की भूमि में आयोजित यह साधना शिविर साधकों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है परम गुरु ओशो , गुरु नानक देव जी , सूफी बाबा की दिव्य उपस्थिति में समर्थ गुरुदेव सिद्धार्थ औलिया जी का आशीर्वाद सभी साधकों को प्राप्त हुआ शिविर के दूसरे दिन नर्मदा मंदिर अमरकंटक में मां नर्मदा की आरती में आचार्य की उपस्थिति में सभी साधकों ने भाग लिया एवं भक्ति भाव से मां नर्मदा की पूजा अर्चना की। आयोजन को सफल बनाने में ओशोधारा संघ छत्तीसगढ़ के साधक आर डी गुप्ता अश्वनी चंद्रा, हरीश शर्मा नवीन गुप्ता,नव रतन कश्यप,जय साहू, विपिन दर्शन,नलिनी दर्शन सहित और साधकों का विशेष योगदान रहा ।
अमरकंटक --ओशोधारा मैत्री संघ छत्तीसगढ़ द्वारा शांति कुटी, अमरकंटक में 17 से 19 मई 2024 तक ध्यान योग एवं सुरति योग का आयोजन किया गया इस शिविर में अनुभवी आचार्य आचार्य प्रभाकर दर्शन जी,आचार्य मां वंदना जी ,आचार्य अमरेश झा जी ,आचार्य मां भक्ति पूर्णिमा जी,आचार्य संतोष चंद्रा जी द्वारा साधकों को साधना के सूत्र दिए गए ।

शिविर का शुभारंभ शांतिकुटीआश्रम अमरकंटक के महंत स्वामी रामभूषण दास जी के विशिष्ट आतिथ्य में किया गया इस अवसर पर साधकों का मार्गदर्शन करते हुए ओशोधारा मैत्री संघ के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर आचार्य दर्शन जी ने बताया कि आज के भौतिकवादी युग में अध्यात्म के जिज्ञासुओं को परमात्मा की प्राप्ति तक पहुंचाने का वैज्ञानिक मार्ग ओशोधारा है। समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया द्वारा अध्यात्म के सारे मार्गो एवँ धर्म शास्त्रों पर वैज्ञानिक ढंग से गहन चिंतन करते हुए साधकों को साधना के पथ का जो मार्ग दिया गया है वह कभी भी साधकों को अपने लक्ष्य से भटकने नहीं देता है।

आज ओशो धारा से देश विदेश में लाखों साधक जुड़कर अपनी साधना में लीन है और निरंतर आध्यात्मिक ऊंचाइयां को छू रहें है ।
ध्यान योग शिविर के दूसरे दिन नाम दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें आचार्य दर्शन जी द्वारा 13 नये साधकों को नाद दीक्षा दी गई वही सुरती योग में साधकों को दिव्य नाद डिवाइन साउंड से परिचय कराया गया और इसका प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।
ओशोधारा मैत्री संघ छत्तीसगढ़ के राज्य कोऑर्डिनेटर आचार्य संतोष चंद्र जी ने बताया कि मां नर्मदा के उद्गम अमरकंटक के सुंदर मनोरम, दिव्य, पावन, भक्तिमय वातावरण में संतों की भूमि में आयोजित यह साधना शिविर साधकों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है परम गुरु ओशो , गुरु नानक देव जी , सूफी बाबा की दिव्य उपस्थिति में समर्थ गुरुदेव सिद्धार्थ औलिया जी का आशीर्वाद सभी साधकों को प्राप्त हुआ शिविर के दूसरे दिन नर्मदा मंदिर अमरकंटक में मां नर्मदा की आरती में आचार्य की उपस्थिति में सभी साधकों ने भाग लिया एवं भक्ति भाव से मां नर्मदा की पूजा अर्चना की। आयोजन को सफल बनाने में ओशोधारा संघ छत्तीसगढ़ के साधक आर डी गुप्ता अश्वनी चंद्रा, हरीश शर्मा नवीन गुप्ता,नव रतन कश्यप,जय साहू, विपिन दर्शन,नलिनी दर्शन सहित और साधकों का विशेष योगदान रहा ।
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