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*कलयुग में सत्संग व कथा सुनने से प्राणी भवसागर से पार हो जाता है... पूज्य दीदी हेमलता शर्मा।*

*कलयुग में सत्संग व कथा सुनने से प्राणी भवसागर से पार हो जाता है... पूज्य दीदी हेमलता शर्मा।*

*ब्यास आसान से.. अपने मुखारबिंद से कर रही है.. श्रीमद भागवत कथा अमृत की वर्षा।*

*इंडिया क्राइम न्यूज़*

*कोरबा/पाली:-* कलियुग केवल नाम आधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा। श्रीमद्भागवत कथा मोक्ष प्रदान करने वाली अमृत मयी कथा है। इस दिव्य कथा के श्रवण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। मोक्षदायिनी भागवत कथा को जिसने भी सुना है सभी को मोक्ष प्राप्ति के योग बने हैं। चाहे वह मनुष्य तन हो अथवा कोई जीव जंतु, पशु पक्षी, इस कथा के श्रवण मात्र से सभी जीवात्माओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से सारे पाप धुल जाते हैं और प्राणी का कल्याण होता है।

पाली मादन स्थित सोनी परिवार में बीते 8 सितंबर से विधिवत पूजा अर्चना एवं भब्य कलश यात्रा के साथ आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान व्यासपीठ से पूज्य दीदी हेमलता शर्मा ने उक्त बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि जीव ईश्वर का स्वरूप होते हुए भी ईश्वर को पहचानने का प्रयत्न नहीं करता है। इसी कारण उसे आंनद की प्राप्ति नहीं होती है। श्रीमद्भागवत महापुराण एक निष्कलंक प्रेम का प्रतीक है जो सारे मनुष्य के जीवन का चरम लक्ष्य भागवत प्रेम को प्राप्त करना है। भगवान के दिव्य रूप का शाश्वत अस्तित्व शाश्वत होता है वह भी आनंद से परिपूर्ण है। भक्ति सदैव शुद्ध तत्व में रहता है अतः वह किसी को हानि नहीं पहुंचाता। भगवान श्रीहरि के कथा का श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते है, कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जागृत हो जाता है।

श्री मदभागवत माह पुराण हिंदुओं के अट्ठारह पुराणों में से एक है। सत्संग व कथा के माध्यम से ही मनुष्य भगवान की शरण मे पहुँचता है, वरना वह इस संसार में आकर मोह माया में पड़ जाता है। इसलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा सुनना चाहिए। बच्चों को भी संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें। भागवत साक्षात श्रीहरि का रूप है। पावन हृदय से इसका स्मरण मात्र से करोड़ों पुण्यों का फल प्राप्त होता है। इस कथा को सुनने के लिए देवी देवता भी तरसते है जबकि मानव प्राणी को ही इस कथा के श्रवण का लाभ प्राप्त होता है। पूज्या दीदी हेमलता शर्मा कथा के माध्यम से भगवान के विभिन्न लीलाओं का अपने मुखारबिंद से श्रवण करा रही है। आयोजककर्ता राजेश सोनी, श्रीमती मंजू सोनी, ओम सोनी, सोम सोनी ने क्षेत्र एवं नगर के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रीमद्भागवत कथा का लाभ प्राप्त करने अपील की है।

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