*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*
*कोटा में आचार्य श्याम दीक्षित श्री ने दूसरी बार पार्थिव शिवलिंग का पूजन बिसर्जन विश्वशान्ति एवम जनकल्याण के लिए कराया।*
*अब 3 मार्च से 12 मार्च तक 21वीं शादी का कोटा में विराट महालक्ष्मी 21 कुंडीय यज्ञ, सवा ग्यारह लाख ज्योतिर्लिंगों का निर्माण पूजा आरती बिसर्जन होगा। जो महाशिवरात्रि का भगवान त्रिनेत्र, अशुतोषु, बिस्वेशर, देवाधिदेव महादेव का पावन पर्व पड़ने के कारण साधक को साधना का फल चार गुना देने वाला फलदायी हो जाएगा।*
*3 मार्च को शोभा यात्रा के साथ यज्ञ का भब्य शुभारम्भ हो गया है। आज 4 मार्च को हवन कुण्डों में अग्नि देव की स्थापना, वेदी पूजा के साथ साथ, प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण ब्रम्हमुहूर्त से सायं 5 बजे तक होगा, सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक यज्ञ आहुती होगी। दोपहर बाद 3 बजे से सायं 7 बजे तक मां नर्मदा पुराण की कथा श्रवण, योग्य आचार्य श्री के द्वारा कराई जाएगी। प्रतिदिन रुद्राभिषेक, और प्रतिदिन सँध्या कालीन महाआरती होगी।*
*"त्वदीय पाद्यपकंजम,नमामि देवि नर्मदे" नर्मदे- हर,----हर-हर नर्मदे.. हर - हर महादेव, के स्वर से कोटा नगर की सड़कें अचानक दोपहर में गुंजायमान होने लगी, बीर बजरंगबली , मां जगत जननी भगवती दुर्गा के लाल लाल ध्वज नगर में चारो ओर लहराने लगे। हजारों की संख्या में सुहागिनी मातायें, बहने छोटी छोटी मां दुर्गा स्वरूपा देवियों ने नगर के मुख्य मार्ग में हजारों की संख्या में रंग बिरंगे कलशों के साथ कलशयात्रा ले कर निकल पड़ीं। मुख्य जजमान संजय गुप्ता नर्मदा पुराण ले कर, उनकी जीवन संगनी राधिका गुप्ता कलश लेकर यात्रा की शरुवात आचार्य श्याम दीक्षित जी के आशिर्बाद संरक्षण के ताले शरू की इस यात्रा में सारे रिस्ते दार बहेन, बेटी, नगर के सभी श्रद्धालु, मातायें बहनों ने इस कलश यात्रा में भाग लिया और नर्मदपुरण के साथ इस कलश यात्रा का नगर में जगह जगह ऐतिहासिक अतिशीय स्वागत हुआ, जगह जगह कलश लिए माताओ बहनों के पैर धुलाने, और जलपान की ब्यवस्था नगर के श्रद्धालुओं ने किया। पूरा नगर नर्मदा मय नजर आ रहा था।*
*भारत की एकता अखण्डता का प्रतीक तिरंगा ध्वज यज्ञ स्थल के मध्य लगाया गया है,*
*आचार्यवर श्याम दीक्षित जी की एक अनोखी पहल बेशहारा भूखे प्यासे बीमार बच्चों के लिए चलाई जा रही है, जिसके तहत सभी सम्माननीय जानो श्रद्धालुओं से उनका आग्रह है कि एक मुट्ठी चावल, एक रोटी, का दान अवश्य करें अपने जीवन मे और और उन बेशहारा गरीव बच्चों के सहारा बनें।यह अनोखी पहल आचार्य जी की तारीफेकाबिल है। और मां नर्मदा धाम अमरकंटक में इस योजना को चला भी रहे है जरूरत है इसे बृहद विशाल रूप में चलाने की जरूरत है हम आप सभी के सहयोग और सदभावना की।*
*12 मार्च यज्ञ बिराम दिवस होगा इस दिन यज्ञ की पर्णाहुती, साधू संत भोजन, ब्राम्हण भोजन कन्या भोजन के साथ बिसाल भण्डार का आयोजन होगा*
*इस 9 दिवसीय पावन परम पुनीत यज्ञ में आप सभी कथा श्रवण, यज्ञ के लिए सादर आमंत्रित है,*

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