भगवत भजन में जो प्राणी अपना समय लगाते है.. उन्ही का जीवन सफल होता है।..स्वामी नारायण प्रपन्नाचार्य जी महाराज।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा बिलासपुर- आज श्रीमद भागवत जी कथा के दूसरे दिन ब्यास पीठ से बेदाचार्य तपोनिष्ठ देव मूर्ति आचार्य श्रेष्ठ स्वामी नारायण प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने अपनी सुमधुर बाणी से अमृतमयी कथा का श्रवण कराते हुए कहा कि प्रकृति और परमात्मा में जब अलगाव होता है तब प्रकृति में बड़ी हलचल होती है। उन्होंने कहा कि जो प्राणी या मानव, राम को इस जीवन मे सब काम छोड़ कर भजता है उसी का जीवन सफल होता है। उसके देह, सरीर धारण करने का उद्देश्य तभी सफल होता है। जब वह जीवात्मा जो इस सरीर में है तभी परमात्मा स्वरूप बन जाती है जब मनुष्य भागवत कथा में रम जाते है राम का नाम भजन कीर्तन को सच्चे मन से करते है,अपने अंदर उतारते है तब वही साधारण मानव भगवत स्वरूप,भागवत हो जाता है। देह धरे करू यह फल भाई.. भजहु राम सब काम बिहाई।


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