प्रति वर्ष होती है अग्रहरी समाज मे बंजारी पूजा..तराजू बॉट की प्रमुख रूप से की जाती है पूजा।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा बिलासपुर- करगीरोड कोटा अग्रहरी समाज का छत्तीसगढ़ में समाज का गढ़ मन जाता है। यंहा की सामाजिक एकता भाईचारा की मिशाल भारत के कोने कोने में बसे अग्रहरी समाज के लोग याद करते है।
यंहा प्रति वर्ष भादौ मास में वन की देवी माता बनचारी या बंजारी देवी की पूजा की जाती है, प्राचीन काल मे ब्यापारियों का आवागमन ब्यापार के सिलसिले में बनों से ज्यादा होता था,तब यही वन देवी चोर,डाकुओं से जंगली जानवरों और बिपदाओं से बीमारी लाचारी से अग्रहरी समाज के ब्यापारियों की रक्षा करती थीं। तभी से अग्रहरी समाज के लोग बरसात के अंतिम महीने भादौंमाह में मां बंजारी देवी की पूजा आरती हवन करके आपस मे ब्राम्हणों के साथ समाज के साथ मिल बाँट कर आपसी सहयोग से यह पूजा बिधि बिधान से सर्व मंगल भाव से करते आ रहे है।और अपने ब्यापार में प्रयुक्त होने वाले समान कांटा बाट तराजू की विधिवत पूजा भी करते है।
कई प्रदेशों में अग्रहरी समाज के लोग इस पूजा को करते है आज कोटा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अग्रहरी समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता के मार्गदर्शन में और अग्रहरी समाज के स्थानीय अध्यक्ष भाई फूलचंद्र अग्रहरी के प्रयास से उनकी पूरी वरिष्ठ अग्रहरी समाज कोटा की कार्यकारणी,व सदस्यगण,युवा अग्रहरी समाज के सभी पदाधिकारी,सदस्यगण, अग्रहरी महिला समाज की सभी पदाधिकारी सदस्यगण, ने काफी मेहनत करके माता बंजारीदेवी की पूजा आरती हवन भंडार प्रसाद में अपना तन मन धन से सहयोग कर आयोजन को सफल बनाया।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित,न्यायधानी बिलासपुर,कोटा सहित एवम कोनाचरा,बेलगहना से अग्रहरी समाज के लोगों ने मां बंजारी पूजा में उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया।


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कोटा बिलासपुर- करगीरोड कोटा अग्रहरी समाज का छत्तीसगढ़ में समाज का गढ़ मन जाता है। यंहा की सामाजिक एकता भाईचारा की मिशाल भारत के कोने कोने में बसे अग्रहरी समाज के लोग याद करते है।
यंहा प्रति वर्ष भादौ मास में वन की देवी माता बनचारी या बंजारी देवी की पूजा की जाती है, प्राचीन काल मे ब्यापारियों का आवागमन ब्यापार के सिलसिले में बनों से ज्यादा होता था,तब यही वन देवी चोर,डाकुओं से जंगली जानवरों और बिपदाओं से बीमारी लाचारी से अग्रहरी समाज के ब्यापारियों की रक्षा करती थीं। तभी से अग्रहरी समाज के लोग बरसात के अंतिम महीने भादौंमाह में मां बंजारी देवी की पूजा आरती हवन करके आपस मे ब्राम्हणों के साथ समाज के साथ मिल बाँट कर आपसी सहयोग से यह पूजा बिधि बिधान से सर्व मंगल भाव से करते आ रहे है।और अपने ब्यापार में प्रयुक्त होने वाले समान कांटा बाट तराजू की विधिवत पूजा भी करते है।
कई प्रदेशों में अग्रहरी समाज के लोग इस पूजा को करते है आज कोटा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अग्रहरी समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता के मार्गदर्शन में और अग्रहरी समाज के स्थानीय अध्यक्ष भाई फूलचंद्र अग्रहरी के प्रयास से उनकी पूरी वरिष्ठ अग्रहरी समाज कोटा की कार्यकारणी,व सदस्यगण,युवा अग्रहरी समाज के सभी पदाधिकारी,सदस्यगण, अग्रहरी महिला समाज की सभी पदाधिकारी सदस्यगण, ने काफी मेहनत करके माता बंजारीदेवी की पूजा आरती हवन भंडार प्रसाद में अपना तन मन धन से सहयोग कर आयोजन को सफल बनाया।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित,न्यायधानी बिलासपुर,कोटा सहित एवम कोनाचरा,बेलगहना से अग्रहरी समाज के लोगों ने मां बंजारी पूजा में उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया।


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