इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा-बिलासपुर-- आदरणीय कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार नगर पंचायत कोटा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक में मृत पशुओ के उठाव हेतु नगर क्षेत्र से बाहर व्यवस्थित करने के लिए बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद की संयुक्त बैठक रखी गई। बैठक में बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद द्वारा मृत पशुओं को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी ली गई है ।नगर पंचायत बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद से समन्वय स्थापित करेंगे। उपरोक्त बैठक सौहाद्र पूर्ण रही। उक्त बैठक में एसडीम महोदय कोटा तहसीलदार कोटा सीएमओ कोटा एवं एसएचओ कोटा उपस्थित थे।
मृत पशुओं के निपटान की प्रक्रिया,
जब जानवर मर जाते है, तो मालिक की यह जिमेदारी होती है कि वह उनके शवो का निपटान इस तरह से करे कि पर्यावरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुँचे।यह बात खेत मालिको पालतू जानवरों के मालिकों, सेवा पशुओ वाले संगठनों,(जैसे पुलिस विभाग),पशु आश्रयो और प्रयोगशालाओ ,के लिए सच है।
यह बात उन शोध सुविधाओ के लिए विशेष रूप से सच है, जिनमे प्रयोग के लिए जानवर होते है।अन्य सुविधायों से भी अधिक प्रयोगशालाओ को जानवरों के शवों के निपटान मे सावधानी बरतनी चाहिए, न केवल मनुष्यों और पर्यावरण के संपर्क मे आने से बचाने के लिए, बल्कि सार्वजनिक धारणा के प्रति चिंता के कारण भी।
पशु चिकित्सक अक्सर मृत पालतू जानवरों के मालिकों को पशु चिकित्सक के कार्यलय या अन्यंत्र निपटान सेवा प्रदान करते है, लेकिन वे ऐसा करने के लिए बद्य्य नही है।
दिशा निर्देश,
बिना सुरक्षात्मक कपड़ों और दस्तानों के बीमार जानवर को न छुए। अगर किसी कारण से बिना दस्तानों के सम्पर्क मे आया है, तो साबुन या डिटर्जेंट से हांथ धोये।अगर रेबीज जैसी जूनोटिक बीमारी के लक्षण दिखे, तो स्थानीय पशु स्वस्थ अधिकारीयो को तुरन्त सूचित करें, और संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए उस जगह को रासायनिक कीटाणु नाशक से साफ करें।
अमृत पशुओं के निपटान के तरीके जिनमे,
दफनाना, जलाना, परिशोधन और खाद बनाना शामिल है।
कोटा-बिलासपुर-- आदरणीय कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार नगर पंचायत कोटा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक में मृत पशुओ के उठाव हेतु नगर क्षेत्र से बाहर व्यवस्थित करने के लिए बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद की संयुक्त बैठक रखी गई। बैठक में बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद द्वारा मृत पशुओं को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी ली गई है ।नगर पंचायत बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद से समन्वय स्थापित करेंगे। उपरोक्त बैठक सौहाद्र पूर्ण रही। उक्त बैठक में एसडीम महोदय कोटा तहसीलदार कोटा सीएमओ कोटा एवं एसएचओ कोटा उपस्थित थे।
मृत पशुओं के निपटान की प्रक्रिया,
जब जानवर मर जाते है, तो मालिक की यह जिमेदारी होती है कि वह उनके शवो का निपटान इस तरह से करे कि पर्यावरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुँचे।यह बात खेत मालिको पालतू जानवरों के मालिकों, सेवा पशुओ वाले संगठनों,(जैसे पुलिस विभाग),पशु आश्रयो और प्रयोगशालाओ ,के लिए सच है।
यह बात उन शोध सुविधाओ के लिए विशेष रूप से सच है, जिनमे प्रयोग के लिए जानवर होते है।अन्य सुविधायों से भी अधिक प्रयोगशालाओ को जानवरों के शवों के निपटान मे सावधानी बरतनी चाहिए, न केवल मनुष्यों और पर्यावरण के संपर्क मे आने से बचाने के लिए, बल्कि सार्वजनिक धारणा के प्रति चिंता के कारण भी।
पशु चिकित्सक अक्सर मृत पालतू जानवरों के मालिकों को पशु चिकित्सक के कार्यलय या अन्यंत्र निपटान सेवा प्रदान करते है, लेकिन वे ऐसा करने के लिए बद्य्य नही है।
दिशा निर्देश,
बिना सुरक्षात्मक कपड़ों और दस्तानों के बीमार जानवर को न छुए। अगर किसी कारण से बिना दस्तानों के सम्पर्क मे आया है, तो साबुन या डिटर्जेंट से हांथ धोये।अगर रेबीज जैसी जूनोटिक बीमारी के लक्षण दिखे, तो स्थानीय पशु स्वस्थ अधिकारीयो को तुरन्त सूचित करें, और संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए उस जगह को रासायनिक कीटाणु नाशक से साफ करें।
अमृत पशुओं के निपटान के तरीके जिनमे,
दफनाना, जलाना, परिशोधन और खाद बनाना शामिल है।
Comments