कोटा वन बिकाश निगम का है मामला..यंहा के अधिकारी लकड़ी तस्करों से सेटिंग में रहते है आगे।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- मिली जानकारी के अनुसार कोटा वन विकाश निगम के अंतर्गत आने वाले ग्रामपंचायत सेमरिया में बीती रात ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर ट्राली से सागौन की लकड़ी के स्लीपट तस्करी करते पकड़ा।और कोटा के जिम्मेदार वन बिभाग के लोगों को सूचना दी परन्तु उसके बाद भी कोई कर्मचारी, रेन्जर, डिप्टी रेंजर, मौके में पहुँच कर करवाई नही किये।
ग्रमीणों ने बेलगहना रेंज को सूचना दी वंहा से वन विभाग के कर्मचारी आकर जप्ती की कार्यवाई किये। ग्रमीणों का कहना है कि इस क्षेत्र से पिकप बाहन, ट्रेक्टर से सागौन तस्करी का काम दो तीन वर्षों से चल रहा है।
जानकारों के अनुसार वन बिभाग कोटा के अधिकारी हमेशा से सुर्खियों में रहे अगर सागौन की तस्करी को जनता पकड़वाती भी है, तो सेटिंग का खेल सुरु कर देतें है,और तस्करों को कैसे बचाया जय किसी कमजोर कड़ी के ऊपर केश बना कर समझौता करा दिया जाय या जुर्माना करवा कर छोड़ दिया जाय।इस लिए तस्करों के हौसले बुलंद है।
बेलगहना रेन्जर- चंद्राणी बांधे के अनुसार- एक ट्रैक्टर ट्राली में 12 नग सागौन के स्लीपट ग्रामीणों की सूचना पर हमारे कर्मचारियों ने जप्त कर कार्यवाई की है इसकी कीमत लगभग साठ से सत्तर हजार रुपये है।
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बिलासपुर-- मिली जानकारी के अनुसार कोटा वन विकाश निगम के अंतर्गत आने वाले ग्रामपंचायत सेमरिया में बीती रात ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर ट्राली से सागौन की लकड़ी के स्लीपट तस्करी करते पकड़ा।और कोटा के जिम्मेदार वन बिभाग के लोगों को सूचना दी परन्तु उसके बाद भी कोई कर्मचारी, रेन्जर, डिप्टी रेंजर, मौके में पहुँच कर करवाई नही किये।
ग्रमीणों ने बेलगहना रेंज को सूचना दी वंहा से वन विभाग के कर्मचारी आकर जप्ती की कार्यवाई किये। ग्रमीणों का कहना है कि इस क्षेत्र से पिकप बाहन, ट्रेक्टर से सागौन तस्करी का काम दो तीन वर्षों से चल रहा है।
जानकारों के अनुसार वन बिभाग कोटा के अधिकारी हमेशा से सुर्खियों में रहे अगर सागौन की तस्करी को जनता पकड़वाती भी है, तो सेटिंग का खेल सुरु कर देतें है,और तस्करों को कैसे बचाया जय किसी कमजोर कड़ी के ऊपर केश बना कर समझौता करा दिया जाय या जुर्माना करवा कर छोड़ दिया जाय।इस लिए तस्करों के हौसले बुलंद है।
बेलगहना रेन्जर- चंद्राणी बांधे के अनुसार- एक ट्रैक्टर ट्राली में 12 नग सागौन के स्लीपट ग्रामीणों की सूचना पर हमारे कर्मचारियों ने जप्त कर कार्यवाई की है इसकी कीमत लगभग साठ से सत्तर हजार रुपये है।
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