दूसरे को जमीन बेचकर.. उन्ही रुपयों से खरीद ली अपने नाम दूसरी जमीन।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर- मामला अमानत में खयानत, परिवार के साथ धोखा धडी का सामने आया है जिसमे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेंडरी तखतपुर का है जंहा कौशिक परिवार में एक छोटे भाई ने बड़े भाई के राम लक्ष्मण जैसे भ्रातत्व वाले प्रेम विश्वास का गला घोंट दिया। भाई अपने छोटे भाई पर बहुत बिस्वास एवम प्रेम करते थे घर के जमीन जजात के सभी कार्यों की देख रेख छोटा भाई ही करता था, इसी बीच जब बड़ा भाई गंभीर रूप से बीमार हो गया तो उनकी बीमारी का फायदा उठाते हुए छोटे भाई ने उनकी पेंडरी गाँव में ही स्थित जमीन खेत को फर्जी तरीके से भाई भतीजों को धोखा देकर दूसरे को बेच दिया और बताते है कि उसी रुपये से अपने नाम पर दूसरी जमीन खरीद लिया जिससे भाभिस्य में दिक्कत न हो।

इस पूरे मामले में इस धोखाधड़ी से पीड़ित परिवार से रोशन कौशिक ने बताया कि हमारे चाचा ने हमारे पिता के साथ बिस्वासघात किया है और हमारे साथ चारसौबीसी धोखाधड़ी किया है। समाज के और रिश्तेदारों को बैठा कर पूरे मामले की जानकारी दी गई सभी ने कहा गलत किया है। इनकी जमीन या पैसा वापस करो पर ओ मनाने को तैयार नही है तब न्याय पाने के लिए श्री रोशन कौशिक थाने में आबेदन दे कर अपने परिवार के साथ हुई फ्राडगीरी,धोखाधड़ी,चारसौबीसी की लिखित शिकायत तखतपुर थाने में दी है।पुलिस ने जाँच कर कार्यवाई का आश्वाशन दिया है।

पूरा मामला रोशन कौशिक जी ने बताया की गई शिकायत का अंश इस प्रकार है..
ग्राम पेंडरी थाना तखतपुर के निवासी दो भाई बिसाहू राम कौशिक पिता स्व दुलारे कौशिक, दूसरे भोलाराम कौशिक पिता स्व दुलारे कौशिक जो शिक्षक थे। ने अपने बड़े भाई बिसाहू राम कौशिक के हक की जमीन खेत खसरा नंबर 257 रकबा 1.36 एकड़ शासकीय अभिलेखों में हमारे पिता बिसाहूराम के नाम मे दर्ज थी उसको छल से कूटरचना कर 18/05/1987 को कुंआ गांव के जुड़ावन रजक नामक ब्यक्ति को बेच दिया रजिस्ट्री कर दिया। इसकी जानकारी न तो हमारे माता पिता को दिया न ही मुझे जबकि मैं बलिक था। उस बीच मेरे पिता गंभीर रूप से बीमार थे जो 07/06/1987 को स्वर्गवासी हो गए, संयुक्त परिवार में हम सब साथ रहते थे परिवार के मालिक मेरे पिता जी चाचा को ही बना रखे थे क्योंकि मेरे चाचा भोलाराम कौशिक पढ़े लिखे सरकारी शिक्षक थे। घर मे भी इन्ही की चलती थी। मेरे पिता बिसाहू राम जी की बीमारी का फायदा उठाकर हमारे पिता जी के नाम की जमीन को बेच दिया 25 लाख रुपए की जमीन और इस जमीन से उत्पन्न पैदावार का 25 लाख का हमको नुकसान पहुँच कर हमारे साथ धोखधड़ी ,चारसौबीसी बिस्वास घात किया है। इस घटना से अनजान हम सब लोग साथ ही रह रहे थे। रोशन कौशिक जी ने बताया कि जब हमें पता चला इस फ्राड का तब हम चाचा से पूंछे तो ओ बोले नही कोई खेत नही बेचे है। फिर खोजबीन किया रिकार्ड निकलवाये तब असलियत सामने आई तब भी झगड़ा कर रहे है और बोलते है फिर भी नही दूंगा कुछ, बेच दिया तो बेच दिया।
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बिलासपुर- मामला अमानत में खयानत, परिवार के साथ धोखा धडी का सामने आया है जिसमे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेंडरी तखतपुर का है जंहा कौशिक परिवार में एक छोटे भाई ने बड़े भाई के राम लक्ष्मण जैसे भ्रातत्व वाले प्रेम विश्वास का गला घोंट दिया। भाई अपने छोटे भाई पर बहुत बिस्वास एवम प्रेम करते थे घर के जमीन जजात के सभी कार्यों की देख रेख छोटा भाई ही करता था, इसी बीच जब बड़ा भाई गंभीर रूप से बीमार हो गया तो उनकी बीमारी का फायदा उठाते हुए छोटे भाई ने उनकी पेंडरी गाँव में ही स्थित जमीन खेत को फर्जी तरीके से भाई भतीजों को धोखा देकर दूसरे को बेच दिया और बताते है कि उसी रुपये से अपने नाम पर दूसरी जमीन खरीद लिया जिससे भाभिस्य में दिक्कत न हो।

इस पूरे मामले में इस धोखाधड़ी से पीड़ित परिवार से रोशन कौशिक ने बताया कि हमारे चाचा ने हमारे पिता के साथ बिस्वासघात किया है और हमारे साथ चारसौबीसी धोखाधड़ी किया है। समाज के और रिश्तेदारों को बैठा कर पूरे मामले की जानकारी दी गई सभी ने कहा गलत किया है। इनकी जमीन या पैसा वापस करो पर ओ मनाने को तैयार नही है तब न्याय पाने के लिए श्री रोशन कौशिक थाने में आबेदन दे कर अपने परिवार के साथ हुई फ्राडगीरी,धोखाधड़ी,चारसौबीसी की लिखित शिकायत तखतपुर थाने में दी है।पुलिस ने जाँच कर कार्यवाई का आश्वाशन दिया है।

पूरा मामला रोशन कौशिक जी ने बताया की गई शिकायत का अंश इस प्रकार है..
ग्राम पेंडरी थाना तखतपुर के निवासी दो भाई बिसाहू राम कौशिक पिता स्व दुलारे कौशिक, दूसरे भोलाराम कौशिक पिता स्व दुलारे कौशिक जो शिक्षक थे। ने अपने बड़े भाई बिसाहू राम कौशिक के हक की जमीन खेत खसरा नंबर 257 रकबा 1.36 एकड़ शासकीय अभिलेखों में हमारे पिता बिसाहूराम के नाम मे दर्ज थी उसको छल से कूटरचना कर 18/05/1987 को कुंआ गांव के जुड़ावन रजक नामक ब्यक्ति को बेच दिया रजिस्ट्री कर दिया। इसकी जानकारी न तो हमारे माता पिता को दिया न ही मुझे जबकि मैं बलिक था। उस बीच मेरे पिता गंभीर रूप से बीमार थे जो 07/06/1987 को स्वर्गवासी हो गए, संयुक्त परिवार में हम सब साथ रहते थे परिवार के मालिक मेरे पिता जी चाचा को ही बना रखे थे क्योंकि मेरे चाचा भोलाराम कौशिक पढ़े लिखे सरकारी शिक्षक थे। घर मे भी इन्ही की चलती थी। मेरे पिता बिसाहू राम जी की बीमारी का फायदा उठाकर हमारे पिता जी के नाम की जमीन को बेच दिया 25 लाख रुपए की जमीन और इस जमीन से उत्पन्न पैदावार का 25 लाख का हमको नुकसान पहुँच कर हमारे साथ धोखधड़ी ,चारसौबीसी बिस्वास घात किया है। इस घटना से अनजान हम सब लोग साथ ही रह रहे थे। रोशन कौशिक जी ने बताया कि जब हमें पता चला इस फ्राड का तब हम चाचा से पूंछे तो ओ बोले नही कोई खेत नही बेचे है। फिर खोजबीन किया रिकार्ड निकलवाये तब असलियत सामने आई तब भी झगड़ा कर रहे है और बोलते है फिर भी नही दूंगा कुछ, बेच दिया तो बेच दिया।
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