छठ पर्व बिहार का मूल पर्व है ..पर आज कई प्रान्तों में बड़े श्रद्धा- उत्साह के साथ मनाया जाता है।
इंडिया क्राइम न्यूज
करगीरोड - कोटा नगर के कोटसागर तालाब के घाट में ब्रती महिलाओं,पुरुषों, ने दो दिन से चल रहे छठ पर्व के महापर्व के अवसर पर, डूबते सूर्य को अर्घ देकर पानी मे खड़े होकर पूजा कर अर्घ दिया। इस बीच घाट में अच्छी भीड़ रही।
यह छठ पर्व छठ माता का बिसेष पर्व है इसे खास तौर पर बिहार में मनाया जाता था परंतु आज यह लगभग देश के कई प्रान्तों में मनाया जाने लगा है। इस मे बताते है कि ब्रती महिलाएं नदी या तालाब में स्नान कर गीले कपड़े में कमर तक पानी मे सूर्य देव की पूजा कर अर्घ देती है।हवन करती है बिसेष पकवान, फल आदि को चढ़ा कर पूजा होती है, ब्रती पुरुष बांस के बने,सूपा,टोकनी या छीटा में पूजा सामग्री सर में रख कर चलते है, फिर ब्रती मातायें खरना का प्रसाद भी, वितरण एक दूसरे को करते है।
काल 20 नवम्बर को उगते सूर्य को अर्घ देकर ब्रती महिलाएं पूजा कर सूर्य भगवान को अर्घ देकर पूजा करेंगी और अपने परिवार, पुत्र आदि की सलामती की खुशहाली एवम स्वस्थ रहने की कामना करती है। यह छठ पर्व की पूजा बड़ी कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाती है। छठ मैया और भगवान सूर्यदेव ब्रती की सारी इच्छाएं पूर्ण करतें है।
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