अग्रहरी भवन कोटा में समाज की महिलाओं ने किया गरवा,डांडिया।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा-बिलासपुर- शारदीय नवरात्री पर्व में सभी जगह माता दुर्गा जी के नौ स्वरूपों की पूजा होती है भब्य पंडालों में माता की स्थापना की जाती है फिर नौ दिन पूजा आरती के साथ साथ माता को सबसे ज्यादा पसंद रासगरबा, डांडिया नृत्य का जगह जगह आयोजन होता है जश गीत रतजगा होता है।

इसी तरह अग्रहरी समाज कोटा की महिला मंडल ने भी माता जी को प्रसन्न करने समाज मे सुख,शांति,सम्रद्धि,एवम परिवार कल्याण के लिए अग्रहरी भवन कोटा में माता जी की प्रतिमा की पूजा कर गरवा,डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें समाज की सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने डांडिया,गरबा नृत्य कर माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हुए आनंदित होते रहे।
उक्त आसय की जानकारी अग्रहरी समाज महिला मंडल कोटा की उपाध्यक्ष श्री मति दुर्गेश गुप्ता ने दिया, उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यो सहित, समाज सेवा,और धार्मिक आयोजनों में हमारी महिला।मंडल की पूरी टीम हमेशा तत्पर रहती है। हमारे समिति के द्वारा संगीतमयी सुंदर काण्ड का पाठ भी सामूहिक रूप से किया जाता है। इस आयोजन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है परिवार के कल्याण के साथ साथ,सारे कार्यों की सिद्धि होती है।इस लिए हर घर मे सुंदर काण्ड का पाठ नियमित होते रहना चाहिए।

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कोटा-बिलासपुर- शारदीय नवरात्री पर्व में सभी जगह माता दुर्गा जी के नौ स्वरूपों की पूजा होती है भब्य पंडालों में माता की स्थापना की जाती है फिर नौ दिन पूजा आरती के साथ साथ माता को सबसे ज्यादा पसंद रासगरबा, डांडिया नृत्य का जगह जगह आयोजन होता है जश गीत रतजगा होता है।

इसी तरह अग्रहरी समाज कोटा की महिला मंडल ने भी माता जी को प्रसन्न करने समाज मे सुख,शांति,सम्रद्धि,एवम परिवार कल्याण के लिए अग्रहरी भवन कोटा में माता जी की प्रतिमा की पूजा कर गरवा,डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें समाज की सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने डांडिया,गरबा नृत्य कर माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हुए आनंदित होते रहे।
उक्त आसय की जानकारी अग्रहरी समाज महिला मंडल कोटा की उपाध्यक्ष श्री मति दुर्गेश गुप्ता ने दिया, उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यो सहित, समाज सेवा,और धार्मिक आयोजनों में हमारी महिला।मंडल की पूरी टीम हमेशा तत्पर रहती है। हमारे समिति के द्वारा संगीतमयी सुंदर काण्ड का पाठ भी सामूहिक रूप से किया जाता है। इस आयोजन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है परिवार के कल्याण के साथ साथ,सारे कार्यों की सिद्धि होती है।इस लिए हर घर मे सुंदर काण्ड का पाठ नियमित होते रहना चाहिए।

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