टाइगर जूदेव की जीत प्रबल है..के नारे से युवा शक्ति हो रही प्रभावित और रिचार्ज।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा- बिलासपुर-- कोटा बिधान सभा एक ऐतिहासिक सीट है आजादी के बाद से कांग्रेश को इस क्षेत्र की जनता जीताती रही है।
लेकिन पिछले चुनाव में जनता कांग्रेस जोगी पार्टी की डॉक्टर रेणुजोगी को जनता ने जिताया।
इस बार 2023 के छत्तीसगढ़ बिधान सभा चुनाव में कोटा बिधान सभा से भारतीय जनता पार्टी ने जसपुर के राजा, राष्ट्रीय स्तर के दबंग नेता स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव जी के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को मैदान में उतारा है। इनकी स्टाइल और चुनावी रणनीति अदभुत है,

कोटा बिधान सभ प्रत्यासी ने कल समर्थकों के साथ कोटा में बाइक रैली निकाली जिसमे बहुत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता,पदाधिकारी और युवा नेता शामिल थे। टाइगर जिंदा है प्रबलप्रताप सिंह जूदेव के नारे ने युवाओं में जोश भर दिया है। बड़ी संख्या में युवाओं ने कांग्रेश का साथ छोड़कर भाजपा में प्रवेश लिया।
युवाओं ने नारा दिया - टाइगर जूदेव की जीत प्रबल है..बांकी की हार...है। भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दी।
अभी तो नवरात्री दशहरा की वजह से चुनाव प्रचार धीमा है परंतु आगे क्या स्थिति निर्मित होगी वह तो चुनाव तिथि नजदीक आते ही कुछ पता चल सकेगा।
कोटा- बिलासपुर-- कोटा बिधान सभा एक ऐतिहासिक सीट है आजादी के बाद से कांग्रेश को इस क्षेत्र की जनता जीताती रही है।
लेकिन पिछले चुनाव में जनता कांग्रेस जोगी पार्टी की डॉक्टर रेणुजोगी को जनता ने जिताया।
इस बार 2023 के छत्तीसगढ़ बिधान सभा चुनाव में कोटा बिधान सभा से भारतीय जनता पार्टी ने जसपुर के राजा, राष्ट्रीय स्तर के दबंग नेता स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव जी के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को मैदान में उतारा है। इनकी स्टाइल और चुनावी रणनीति अदभुत है,

कोटा बिधान सभ प्रत्यासी ने कल समर्थकों के साथ कोटा में बाइक रैली निकाली जिसमे बहुत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता,पदाधिकारी और युवा नेता शामिल थे। टाइगर जिंदा है प्रबलप्रताप सिंह जूदेव के नारे ने युवाओं में जोश भर दिया है। बड़ी संख्या में युवाओं ने कांग्रेश का साथ छोड़कर भाजपा में प्रवेश लिया।
युवाओं ने नारा दिया - टाइगर जूदेव की जीत प्रबल है..बांकी की हार...है। भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दी।
अभी तो नवरात्री दशहरा की वजह से चुनाव प्रचार धीमा है परंतु आगे क्या स्थिति निर्मित होगी वह तो चुनाव तिथि नजदीक आते ही कुछ पता चल सकेगा।
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