बिलासपुर जिले के पीड़ित जमाकर्ता,अभिकर्ता.. सहारा कंपनी के द्वारा भुगतान न करने से काफी है परेसान।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- सहारा पीड़ित जमाकर्ता अभिकर्ताओं द्वारा बिलासपुर बिधायक श्री शैलेश पांडेय जी को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है-- श्रीमान अमित शाह जी, सहकारिता मंत्री, भारत सरकार द्वारा भुगतान विषयक मामले मे रू.5000/- करोड़ के भुगतान का आदेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय से पारित करवाकर आम जमाकर्ताओ के साथ खिलवाड किया जाना।

महोदय, जैसा विदित है कि दिनांक 13/5/2023 को आपके बिलासपुर प्रवास के दौरान उपरोक्त विषयक मामला आपके संज्ञान में लाया गया था, जिसमे आपने तुरंत कार्यवाही करते हुये जिलाधीश, बिलासपुर (छ.ग.) को जॉच के आदेश दिये।
आपके उपरोक्त त्वारित कार्यवाही का हम सभी आपको हार्दिक धन्यवाद देते है और आशा करते है कि भविष्य में भी निम्नानुसार वर्णित समस्याओ को संज्ञान में लेते हुये आवेदन विषय को चुनावी मुद्दा बनाकर हम सभी पीडित जमाकर्ताओ के समस्या का समाधान करेंगे।
1) सहारा भुगतान विषयक समस्या आज एक देशव्यापी ज्वलंत मुद्दा है जिसमे लगभग 13 करोड़ से ज्यादा जमाकर्ता प्रभावित है और उन जमाकर्ताओ से जुड़े परिवारजन, जो कि किसी भी निर्वाचन को प्रभावित कर सकते है।
2) यह कि माननीय अमित शाह जी, सहकारिता मंत्री भारत सरकार के पहल पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-29/03/2023 को एक आदेश पारित कर रू.5000/- करोड रूपये के भुगतान की बात कही गयी, जिस विषय की प्रगति को देखते हुये यही परिलक्षित हो रहा है। कि यह सिर्फ और सिर्फ एक चुनावी रणनिति है और सहारा प्रमुख को अघोषित रूप से सुरक्षित करना है।
यह कि सहारा समूह द्वारा उनके विभिन्न अनुषांगिक को आपरेटिव सोसाइटियों के माध्यम से लगभग 13 करोड जमाकर्ताओ का लगभग रू.86000/- करोड राशि जमा लिया गया हैं, जिनका आज दिनांक तक लंबित भुगतान राशि लगभग रू. 150000/- करोड है, पिछले 12 वर्षो से देने के लिये हीला हवाला कर रही है। और नही दे रही है।
) पत्र कि सहारा समूह द्वारा भुगतान ना कर पाने हेतु सहारा सेबी बिवाद का दिनांकः हवाला दिया जाता हैं । यद्यपि लंबित समस्त भुगतान को आपरेटिव सोसाइटीयों से संबंध है, जिसका उक्त विवाद से कोई संबंध नही है।
5) यह कि कंडिका 3 में दर्शायी गयी लंबित भुगतान राशि की तुलना में माननीय सहकारिता मंत्री द्वारा घोषित राशि मात्र रू.5000/-करोड जो कि ऊँट के मुँह में जीरा समान है। इसका तात्पर्य यही है कि चुनाव को देखते हुये आकोशित जनता को देश के जिम्मेदार व्यक्तित्व के माध्यम से शांत करा दिया जाये ।
माननीय महोदय से आग्रह है कि उपरोक्त बिंदुवार समस्याओ का अवलोकन करते हुये आवेदन विषय को चुनावी मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेते हुये हम पीडित जमाकर्ताओ की समस्या का निराकरण करें। उक्त आशय का लेटर द्वारा जानकारी संघ के सतीश शर्मा -प्रदेश उपाध्यक्ष के द्वारा दी गई।संघ के सदस्य गण जयदीप घोष अविनाश दार्वेकर सचीन काले डॉ. संजय मिश्रा शिव अवस्थी कुतुब खान संतोष सिंह ठाकुर रितु चंद्राकर अभिषेक राय सहित कई और लोग उपस्थित रहे।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- सहारा पीड़ित जमाकर्ता अभिकर्ताओं द्वारा बिलासपुर बिधायक श्री शैलेश पांडेय जी को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है-- श्रीमान अमित शाह जी, सहकारिता मंत्री, भारत सरकार द्वारा भुगतान विषयक मामले मे रू.5000/- करोड़ के भुगतान का आदेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय से पारित करवाकर आम जमाकर्ताओ के साथ खिलवाड किया जाना।

महोदय, जैसा विदित है कि दिनांक 13/5/2023 को आपके बिलासपुर प्रवास के दौरान उपरोक्त विषयक मामला आपके संज्ञान में लाया गया था, जिसमे आपने तुरंत कार्यवाही करते हुये जिलाधीश, बिलासपुर (छ.ग.) को जॉच के आदेश दिये।
आपके उपरोक्त त्वारित कार्यवाही का हम सभी आपको हार्दिक धन्यवाद देते है और आशा करते है कि भविष्य में भी निम्नानुसार वर्णित समस्याओ को संज्ञान में लेते हुये आवेदन विषय को चुनावी मुद्दा बनाकर हम सभी पीडित जमाकर्ताओ के समस्या का समाधान करेंगे।
1) सहारा भुगतान विषयक समस्या आज एक देशव्यापी ज्वलंत मुद्दा है जिसमे लगभग 13 करोड़ से ज्यादा जमाकर्ता प्रभावित है और उन जमाकर्ताओ से जुड़े परिवारजन, जो कि किसी भी निर्वाचन को प्रभावित कर सकते है।
2) यह कि माननीय अमित शाह जी, सहकारिता मंत्री भारत सरकार के पहल पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-29/03/2023 को एक आदेश पारित कर रू.5000/- करोड रूपये के भुगतान की बात कही गयी, जिस विषय की प्रगति को देखते हुये यही परिलक्षित हो रहा है। कि यह सिर्फ और सिर्फ एक चुनावी रणनिति है और सहारा प्रमुख को अघोषित रूप से सुरक्षित करना है।
यह कि सहारा समूह द्वारा उनके विभिन्न अनुषांगिक को आपरेटिव सोसाइटियों के माध्यम से लगभग 13 करोड जमाकर्ताओ का लगभग रू.86000/- करोड राशि जमा लिया गया हैं, जिनका आज दिनांक तक लंबित भुगतान राशि लगभग रू. 150000/- करोड है, पिछले 12 वर्षो से देने के लिये हीला हवाला कर रही है। और नही दे रही है।
) पत्र कि सहारा समूह द्वारा भुगतान ना कर पाने हेतु सहारा सेबी बिवाद का दिनांकः हवाला दिया जाता हैं । यद्यपि लंबित समस्त भुगतान को आपरेटिव सोसाइटीयों से संबंध है, जिसका उक्त विवाद से कोई संबंध नही है।
5) यह कि कंडिका 3 में दर्शायी गयी लंबित भुगतान राशि की तुलना में माननीय सहकारिता मंत्री द्वारा घोषित राशि मात्र रू.5000/-करोड जो कि ऊँट के मुँह में जीरा समान है। इसका तात्पर्य यही है कि चुनाव को देखते हुये आकोशित जनता को देश के जिम्मेदार व्यक्तित्व के माध्यम से शांत करा दिया जाये ।
माननीय महोदय से आग्रह है कि उपरोक्त बिंदुवार समस्याओ का अवलोकन करते हुये आवेदन विषय को चुनावी मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेते हुये हम पीडित जमाकर्ताओ की समस्या का निराकरण करें। उक्त आशय का लेटर द्वारा जानकारी संघ के सतीश शर्मा -प्रदेश उपाध्यक्ष के द्वारा दी गई।संघ के सदस्य गण जयदीप घोष अविनाश दार्वेकर सचीन काले डॉ. संजय मिश्रा शिव अवस्थी कुतुब खान संतोष सिंह ठाकुर रितु चंद्राकर अभिषेक राय सहित कई और लोग उपस्थित रहे।
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