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भरनी सीरआरपीएफ कैम्प में टेंट लगाने के नाम पर .. हुई साईबर ठगी..कोटा का ब्यापारी बना ठगी का शिकार।

कोटा के टेंट हाउस संचालक से हुई आनलाईन ठगी

सतर्क रहे ऑनलाईन ठगों से 

इंडिया क्राइम न्यूज़


बिलासपुर - साईबर ठगी का मामला आए दिन सुनने को मिलता ही है ठग अपने जाल में कैसे किस तरह फंसा रहे है ये भी नया मामला सामने आया है l
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कोटा के महामाया टेंट हाउस के संचालक नीरज अग्रहरी पिता मनोज अग्रहरी के पास शनिवार की शाम छह बजे प्रदीप गुप्ता जिसका मोबाईल नम्बर 8509412834 से एक फोन आया जिसमें सकरी बटालियन में टेंट लगाने के संबंध में बात की गई और कहा गया कि सकरी सीआरपीएफ में टेंट लगाना है । फोन करने वाले ने अपने आप को कर्नल बताया और टेंट लगाने का साईज बताते हुए रेट पूछा गया । जिस फोन नम्बर से काल आया था उसने अपनी डीपी में आर्मी ड्रेस वाली फोटो लगा रखा है ऐसे में टेंट संचालक और झांसे में आ गए ।

टेंट संचालक ने टेंट लगाने के लिए सात हजार का बजट बताया इसके बाद फोन करने वाले ने कहा कि टेंट रविवार को सकरी बटालियन में लगाना है इसके लिए एक पास बनवाना पड़ेगा जो बटालियन ने एक डेढ़ किमि की दूरी में बनेगा । आज सुबह टेंट संचालक के पास फिर फोन आया कि आप सामान भेजिए और गाड़ी नम्बर भी भेजिए जिससे आपका पास बनेगा और बटालियन से दो किमी दूर पास मिल जाएगा ।

इसके बाद टेंट संचालक ने गाड़ी नम्बर भेज कर टेंट का सामान गाड़ी में भरकर सकरी बटालियन के लिए भेज दिया । इसी बीच फिर से कर्नल का फोन आया कि आपके अकाउंट में एक रूपए डाला गया है आया या नहीं बताइए ताकि पूरा पैसा आपको आनलाईन पेमेंट कर दिया जाए

संचालक ने जब एक रूपए अपने अकाउंट में एक रूपए आने की बात कही तो फोन करने वाले प्रदीप गुप्ता ने कहा कि आप ग्यारह हजार रूपए हमारे अकाउंट में डालिए जिसके बाद ग्यारह हजार और आपके सात हजार मिलाकर अठारह हजार आपके खाते में आ जाएंगे । इसके थोड़ी देर बाद ही एक और नम्बर 7069739952 से एक कर्नल का फोन आया जिसमें उन्होंने कहा कि आप आठ हजार रूपए और डालिए जिसके बाद आपको सभी रकम जोड़ कर दे दी जाएगी ।

टेंट संचालक ने ग्याहर बजकर दस मिनट से लेकर ग्यारह बजकर पंद्रह मिनट के बीच मतलब पांच मिनट में आठ हजार , एक हजार और तीन हजार करके तीन बार में ग्यारह हजार रूपए शिव कुमार और रोहित अग्रवाल के नाम से पेमेंट कर दिया तब तक टेंट संचालक को इस बात की जरा भी भनक नहीं लगी कि उसके साथ ठग लोग खेल खेल रहे हैं। इस बीच टेंट का सामान लेकर गाड़ी भरनी बटालियन पहुंच गई ।

बटालियन पहुंचने पर जब टेंट लगाने की बात हुई तब बटालियन वालों ने कहा कि यहां किसी टेंट की जरूरत नहीं है आपसे पहले भी दो लोग टेंट लेकर आ गए थे शायद ऑन लाईन ठगी हुई हो आप थाने जाईए इसके बाद टेंट संचालक को समझ आने लगा कि उसके साथ किसी ने ठगी कर ली है ।


टेंट संचालक सकरी थाने पहुंचा जहां से उसे साईगर शाखा भेज दिया गया । साईबर शाखा ने पीड़ित से पूरे मामले की जानकारी ले ली है । पीड़ित व्यापारी ने साईबर शाखा में दर्ज शिकायत की जानकारी कोटा थाने में भी कर दी है ।
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देखना होगा ऑन लाईन ठगी के इस नए मामले में साईबर पुलिस कितनी जल्दी सफलता प्राप्त करती है । इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति को आनलाईन पेमेंट करने से बचना चाहिए । टेंट संचालक को पहले ही समझ जाना चाहिए था कि जब पेमेंट हमको लेना है तो फिर हम क्यों दूसरे को पेमेंट करें ? किसी भी सरकारी काम का भुगतान का ऑनलाईन पेमेंट कैसे होगा ? और जब वो खुद वहां जा रहे थे तो फिर पेमेंट करनी की जल्दी क्यों ? वहीं जाकर पेमेंट कर देते ? ऐसी छोटी छोटी बातों को ध्यान में रखने से आप ऑनलाईन ठगी से बच सकते हैं ।
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