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गुरुपूर्णिमा महोत्सव..समर्थगुरु के करुणारस में डूबने का उत्सव है..गुरु के प्रति अहो भाव प्रगट करने का अवसर है....आचार्य दर्शन।

ओशोधारा मैत्री संघ छत्तीसगढ़ को गुरूपर्णिमा में भक्तिभाव प्रगट करने का प्राप्त हुआ है अवसर।

समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया स्वयं गोबिंदस्वरूप है।

इंडिया क्राइम न्यूज़


बिलासपुर-- *गुरु गोविंद दोऊ खड़े-- काके लागंव पाँव... बलिहारी गुरु आपने-- गोविंद दियो बताय।*
गुरु पूर्णिमा उत्सव प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी ओशो नानक धाम मुरथल में समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सानिध्य में मनाया जाएगा। और इस वर्ष भी भक्ति भाव को मंच से प्रस्तुत करने का अवसर छत्तीसगढ़ ओशोधारा मंत्री संघ को मिला है।

सेंट्रलक्वार्डिनेटर छत्तीसगढ़ ओशोधारा मंत्री संघ के प्रमुख संरक्षक के रूप में सबको संघ से जोड़े रखने वाले ध्यान अध्यात्म के दुर्गम सफर मे सब के पथ प्रदर्शक के रुप मे जाने- जाने वाले आचार्य श्रेष्ठ प्रभाकर दर्शन जी के कुशल नेतृत्व में मंचीय कार्यक्रम तैयार छत्तीसगढ़ की टीम कर रही है। इस कार्यक्रम में लीडिंग टीम की भूमिका में आचार्य माँ वंदना जी, स्वामी अश्वनी चंद्रा जी, स्वामी पी पी सिंह जी रहेंगे इनके मार्ग दर्शन में भक्ति राश से भरे धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति मुरथल में समर्थगुरु जी के सामने की जाएगी।

वैसे तो प्यारे समर्थगुरु के दर्शन के लिए सभी साधक लालायित रहते है। पर जब गुरु ब्रम्हज्ञानी हो तो फिर बात ही कुछ और हो जाती है..*गुरूर ब्रम्हा गुरुर बिष्णु.. गुरु देव महेश्वरः-- गुरुः साक्षात परमब्रम्ह .. तस्मै श्रीगुरवे नमः..तस्मै श्रीगुरवे नमः।* इस लिए गुरु पूर्णिमा का दिन ही गुरु के प्रति अहो भाव से भरने का है गुरु के करुणा रश में डुबकी लगाने का दिन है। गुरु के सामने भक्तिभाव प्रगट कर सेवा करने के दिन है।

सम्पूर्ण रुप से सभी साधकों पर गुरु कृपा.. गुरुपूर्णिमा के चाँद की पूर्णता के सदृश्य - अमृतमयी रश भरी बूदों की तरह हर भक्त, साधक, ओशो साधक सन्याशीयों
पर बरसती है।

सभी ओशोधारा के साधक सन्याशीयों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से  छत्तीसगढ़ ओशोधारा मंत्री संघ की टीम को सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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