तेंदुआ पटवारी सहित कुछ मातहत अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध।
कोटा - आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कोटा ब्लाक में पिछले कई सालों से शासकीय जमीनों के अफरा तफरी का खेल जोरों से चल रहा है सफेदपोश लोग, दलाल और जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है l
शासकीय वन भूमि जो बडे झाड़ के जंगल की जमीन है उसे निजि बताकर कई लोगों के नाम पर कई टुकडों में बटा करके दर्ज कर दिया गया है l मौके पर कोई व्यक्ति काबिज नही है उक्त भूमि मौके पर पहाड़ जंगल राजस्व भूमि है l
यह ताजा मामला कोटा ब्लाक के तेंदुआ का है जहां पटवारी नें मिलिभगत से सैकडो़ एकड़ वन भूमि को निजि बताकर रजिस्ट्री करा दी है l ग्राम तेंदुआ के वन भूमि खसरा नं 69, 70, 77 एवं वन कम्पार्टमेंट 2485 में यह खेल हुआ है जिसकी कलेक्टर से शिकायत भी हुई है l
सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार पटवारी के द्वारा विभिन्न लोगों के नाम पर अंकित कर दुसरों के नाम पर रजिस्ट्री भी करा दी गई l उक्त भूमि पर धान की पैदावार दिखाकर सेवा सहकारी समिति में धान बेचा जा रहा है इस खसरा नं के एवज में फर्जी के सी सी लिमिट बनवाकर बंधक कर दी गई है l
जबकि इसका पूर्व का रोस्टर रिकार्ड चेक करने पर खसरा नं 69 ,70 , 77, बडे झाड़ के जंगल मद में अंकित है l
इस पूरे मामले में *कोटा एसडीएम नितिन तिवारी जी* का कहना था मामला संज्ञान में आया है आगे जांच के बाद कार्यवाई करेंगे। लेकिन उन्होंने इस भ्रस्टाचार कार्य मे लिप्त पटवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। और आगे की जांच के लिए कोटा तहसीलदार को निर्देशित किया गया है।
सैकडों एकड जंगल मद की भूमि को किस तरह से पटवारी नें खसरे को टुकडों में बाट कर सांठ गांठ करते हुए किन किन लोगों के नाम पर दर्ज कर रजिस्ट्री कराई गयी है उसे आगे खबर में विस्तार से लिखा जाएगा l
जनता जनप्रतिनिधियों की माने तो इतने बड़े गड़बड़ी के कार्य मे जांच कर संबंधितों पर धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कराना चाहिए,जिससे इन लोगो को सबक मिले और भ्रस्टाचार करने में डारे। क्योकि ऐसे कई मामले और उजागर होने वाले है।
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