**मरवाही उपचुनाव प्रचार में सामाजिक दूरी मास्क लगाना जरूरी के नियमो की नेताओ और भीड़ द्वारा उड़ाई जा रही धज्जियां।*
*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*
*10/10 2020*
*बिलासपुर*-- विधान सभा मरवाही के उपचुनाव का पारा चरम सीमा पर पहुँच रहा है। चुनावी बिगुल बज चुके है इस युद्ध की रणभेरी के भयानक तापमान भरे स्वर में उत्साही नेता कोरोना के कहर को भूल गये। दो गज की दूरी मास्क है जरूरी के जीवन सुरक्षा के नारे को भुला बैठे।
मरवाही का चुनाव प्रचार हो हो या अन्य किसी भी जगह की सभा हो हर जगह जनता के रहनुमाई करनें वाले नेताओ ने कोरोना से बचाव के लिए बनाए नियम को तोड़ा है और धज्जियां उड़ाई है,इतना ही नही नेताओ ने सोशल डिस्टेंसिग और मास्क पहनने तक के नियम को भूल चुके है।
ऐसे में भला जनता और उनके रहनुमाई करनें वाले नेताओं को कोरोना से ज्यादा चुनाव और उससे होने वाली जीत की चिंता दिखलाई देती है। जो तस्वीर सभाओं प्रचार की दिख रहीं है उसमें आपको भी नजर आएगा कि कैसे और किस तरह से नियम तोड़कर जान को जोखिम में डाल कर माहौल बनाया गया है,अगर इसमे से किसी को कोरोना जैसी बीमारी हो गयी या फिर कुछ हो गया तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा?
हम आपको यहां पर यह भी बता रहे है कि जब दुर्गा पूजा और रावण दहन के लिए शासन ने नियम कानून सख्त कर दिए गए है, बीस आदमी से ज्यादा इकठ्ठा न हो धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा की लिहाज से कोई कोरोना पॉज़िटिव मिल तो उसका इलाज का खर्च आयोजन समिति देगी।लेकिन नेताओ के लिए सब एक बराबर है,खैर नेता जहां रहेंगे वहां तो एक भी कोरोना नही रहेगा ऐसा लगता है....जिसके कारण इस तरह के भीड़ जमा कर आयोजन किये जा रहे है,..परन्तु आपको बता दें कि जनता की रहनुमाई और सीख देने वाले नेता खुद नियम तोड़ अपनी जान जोखिम में डाल रहे है और इसमे एक नही बल्कि कई नेता शामिल है,
अब चाहे वह भाजपा हो कांग्रेस हो या फिर जनता कांग्रेस के नेता,नेताओ की भीड़ में पार्टी का मुखौटा पहने आम जनता ही है.....हर कोई भीड़ एकत्रित करके प्रशासन को आंख दिखा रहा है....जिसे देख प्रशासन भी मुक़दर्शक बनकर तमाशा देख रही है...एक सवाल प्रशासन के मुखिया से.... प्रदेश के नेताओं से ....देश के तमाम नेताओं से.... चाहे वह कांग्रेस की... चाहे वह भाजपा के हो या फिर कोई और दल के.... एक तरफ कोरोना महामारी में एक दूसरे पर छींटाकशी करने में चल रही व्यवस्था में खामी निकालने में किसी भी राजनीतिक दल ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। तो वही इसके साथ ही साथ इन्हीं राजनीतिक दल के नेताओं ने समय-समय पर अपना वीडियो ऑडियो फोटो फेसबुक लाइव इन सभी माध्यमों से लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग मास्क लगाना तरह-तरह की बातें भी बताई ।
लेकिन क्या यह नेता सिर्फ जनता के बीच बने रहने के लिए इन सभी बातों को बताया जबकि इसके विपरीत साक्षात देखने को मिलता है महामारी के समय इन्हीं नेताओं के द्वारा कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठा करवाना पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं को आंदोलन प्रदर्शन मीटिंग इन सभी कार्यक्रम में नेता तो कहीं ना कहीं बच भी जाएंगे लेकिन शहर की गांव से अलग-अलग जगह से आने वाले कार्यकर्ता पब्लिक क्या कोरोना महामारी से सुरक्षित रह पाएंगे । एक तो यह नेता राजनीतिक दल के कार्यकर्ता खुद तो इस प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर अपना बचाव तो नहीं कर पाते अपितु घूम घूम कर अन्य लोगों को भी कहीं ना कहीं परेशानी या महामारी के प्रभाव से ग्रसित कर सकते हैं क्या ऐसे समय में इन नेताओं को समझने की जरूरत नहीं है
बिलासपुर जिले में मरवाही उपचुनाव के कारण भी रोज प्रतिदिन नेताओं का जमावड़ा चाहे वह किसी भी दल के हों बिलासपुर शहर से लेकर पेंड्रा गौरेला मरवाही इन सभी जगहों में दिन प्रतिदिन पड़ रहा है यह महामारी के समय क्या संकेत देता है समझने और समझाने वाली सरकार प्रशासन इस और ध्यान दें ताकि जनता का भला हो। जहां एक तरफ हम मरवाही विधानसभा को लेकर बात कर रहे है तो वही नेहरू चौक में भी पार्टी के लोगो ने माहौल बनाकर तमाशा पैदा कर दिया था।
असल मे उत्साहित राजनीतिक पार्टियाँ एक दूसरे को नीचा दिखाने और वाह वाही लूटने के लिए इस हद तक गिर चुके थे की सोशल डिस्टेंसिग का पालन करना भूल गए थे,यहां तक मास्क पहनने वाले बहुत कम लोग थे,जिसके कारण कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी का सामना भी करना पड़ सकता है,फिलहाल तो जरूरत है प्रशासन को ध्यान देने की...जिसमे इस तरह की भीड़ न लगे और अगर लगे भी तो फिर इस तरह की अवव्यस्था न फैले....
फिलहाल तो इस समय मरवाही चुनाव में जोर आजमाइश और ताकत लगाई जा रहा है जिसमे अगर कांग्रेस कम नही है तो वही भाजपा , जनता काँग्रेश जोगी भी कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
निर्वाचन आयोग की तीसरी आँख कँहा से देख रही है ऐसी भीड़ क्यों नही दिख रही जहाँ सीधे सीधे कोरोना जैसी महामारी के बिस्फोट होने की पूरी पूरी सम्भावनाये दिख रही है। अगर इन पार्टियों में शामिल होने वाले कोरोना पॉजिटिव निकले तो इनके इलाज का खर्चा क्या पार्टियाँ देगी क्या लेगी अपनी जिम्मेदारी की हमारे कार्यक्रम सभा मे सामिल होने वाला यही ब्यक्ति है जिसे भीड़ बढ़ाने- प्रचार के लिये बुलाया गया है।
*मरवाही उपचुनाव - चुनावी तापमान का पारा 50 डिग्री के पार, इस भीषण राजनीतिक सर गर्मी में कोरोना जैसी महामारी का वायरस बेहोस, जनता, नेता निर्भीक, प्रशासन मौन, अब क्या होगा..कौन जाने..।*
*मरवाही उपचुनाव - चुनावी तापमान का पारा 50 डिग्री के पार, इस भीषण राजनीतिक सर गर्मी में कोरोना जैसी महामारी का वायरस बेहोस, जनता, नेता निर्भीक, प्रशासन मौन, अब क्या होगा..कौन जाने..।*
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