महापरिनिर्वाण ओशोधारा दिवस पर साधकों की सांस्कृतिक टीम ने भव्य प्रस्तुति देकर सबका मनमोह लिया।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- ओशोधारा नानक धाम मुरथल आज ध्यान योग साधना के विभिन्न प्रकार के कोर्सेस करा कर एक आनंदित सुखी जीवन शैली देने की एक मिस्ट्रिक यूनिवर्सिटी बन गया है।

अभी सूफी बाबा शाह कलन्दर साहब के महानिर्वाण दिवस के दिन समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिय ने ओशोधारा के परम गुरु सूफी बाबा शाह कलंदर गिरिडीह वाले के दसवें को आशीर्वाद दिया।
इसी कड़ी में रोहतक की सूफी गायिका हिना की अगुवाई में ओशोधारा सांस्कृतिक टीम ने भव्य प्रस्तुति दी गई। इसे ऑनलाइन भी साधकों के लिए प्रदर्शित किया गया।
समर्थगुरु ने अपने आध्यात्मिक संदेश में कहा कि वर्ष 2013 में सूफी बाबा ने उनको औलिया की उपाधि से नवाजा था। सूफीज्म किसी एक धर्म या संप्रदाय से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म का ही अभिन्न अंग है।
ओशोधारा के साधकों और सूफीमत के अनुयायियों के बीच तब से अथाह प्रेम और समन्वय स्थापित है। इस ध्यान और अध्यात्म की संस्था से जुड़ कर लाखों जिंदगियां आनंदित,प्रेम पूर्ण जीवन जी रही है।
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बिलासपुर-- ओशोधारा नानक धाम मुरथल आज ध्यान योग साधना के विभिन्न प्रकार के कोर्सेस करा कर एक आनंदित सुखी जीवन शैली देने की एक मिस्ट्रिक यूनिवर्सिटी बन गया है।

अभी सूफी बाबा शाह कलन्दर साहब के महानिर्वाण दिवस के दिन समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिय ने ओशोधारा के परम गुरु सूफी बाबा शाह कलंदर गिरिडीह वाले के दसवें को आशीर्वाद दिया।
इसी कड़ी में रोहतक की सूफी गायिका हिना की अगुवाई में ओशोधारा सांस्कृतिक टीम ने भव्य प्रस्तुति दी गई। इसे ऑनलाइन भी साधकों के लिए प्रदर्शित किया गया।
समर्थगुरु ने अपने आध्यात्मिक संदेश में कहा कि वर्ष 2013 में सूफी बाबा ने उनको औलिया की उपाधि से नवाजा था। सूफीज्म किसी एक धर्म या संप्रदाय से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म का ही अभिन्न अंग है।
ओशोधारा के साधकों और सूफीमत के अनुयायियों के बीच तब से अथाह प्रेम और समन्वय स्थापित है। इस ध्यान और अध्यात्म की संस्था से जुड़ कर लाखों जिंदगियां आनंदित,प्रेम पूर्ण जीवन जी रही है।
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