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कोला डीपो की लापरवाही..कोल डीपो में ट्रकडंफर में आग लगने की भीषण घटना में..एक ब्यक्ति ड्राइबर की जलकर मौत हो गई..तीन दिन बाद भी अभी तक पुलिस ने दर्ज नही किया अपराध.. इतना गंभीर मामला सिर्फ अभी तक जाँच पर..उठ रहे कई सवाल।

कोटा कोल डिपो की लापरवाही ने ले ली एक ट्रक ड्राइवर की जान।
 
करगीरोड कोटा स्थित कोल डिपो में हुआ बडा हादसा...जिसमे गई एक ट्रक ड्राइवर की जान..कोल डिपो में नही था आग बुझाने का कोई भी उपकरण।
 
इंडिया क्राइम न्यूज
 
करगीरोड-- कोटा के नजदीक स्थित कोल डिपो में 02/03/23 को एक ट्रक ड्राइवर की डंपयार्ड में कोयला डंप करते समय ट्रक में करेंट फैल जाने से आग लगने से हुई मौत।

 
 
दरअसल कोटा के कोल डिपो में 02/03/23 को एक ट्रक ड्राइवर हमेशा की तरह डंपयार्ड में कोल डंप करने ट्रक को डंपयार्ड में ले गया पर वहा डंपयार्ड से हाईएक्सटेंशन वायर गई है जिसके नीचे कोल संचालक कोयला डंप करते है, मिली जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने उस हाई एक्सटेंशन वायर के नीचे खाली स्थान होने के चलते ट्रक को पार्क कर दिया फिर ट्रक में प्रेशर बनाते साथ कोल से भरे डाले को हाइड्रोलिक तकनीक के जरिए उसने डाले को उठाया , जिससे की ट्रक का डाला उस हाई एक्सटेंशन वायर को छू गया जिससे ट्रक में करंट पूरी तरह फैल गया और ट्रक में भिसड़ आग लग गई साथ ही ट्रक में फैले करेंट के चलते ड्राइवर की ट्रक में ही जलने से मौत हो गई ।
 
ट्रक में लगी आग की लपटों को आस पास मौजूदा कोल डिपो के कर्मचारियों ने देखा और तत्काल इसकी सूचना उन्होंने अपने प्रबंधक को दिया और प्रबंधक ने इसकी सूचना पुलिस को दी ।
 
प्रथम द्रष्टया बोला जा सकता है की कोल डिपो की लापरवाही के चलते गई है ट्रक ड्राइवर की जान । 
 
क्योकि बिना ट्रक का डाला उठाये ट्रक से नही किया जा सकता कोल से भरे ट्रक को खाली , अगर वहा कोई मौजूदा गाइड होता जो बताता की वहा से हाई एक्सटेंशन वायर गई है तो नही होता यह हादसा। और हाई एक्सटेंसन तार के नीचे कोयला भंडारण का कार्य करना,गर्मी में आग बुझाने का उपकरण न रखना,पर्यापत पानी की ब्यवस्था न करके रखना कोल डिपो की लापरवाही को उजागर करता है।
 
-- जबकि प्रबंधकों को पता है की यहां से हाईएक्सटेंशन वायर गई है और ट्रक को हाइड्रोलिक तकनीक से ही खाली किया जा सकता है तो उस जगह पे डंपयार्ड होना ही नही चाहिए था।
 
परंतु सोचने का विषय यह है की ट्रक में करेंट फैला कैसे।
 
-- जैसा की ट्रक के चारो पहिए रबड़ के होते है जिससे की करेंट को अर्थिंग नही मिल सकता और करेंट को अर्थिंग नही मिलने से करेंट का ट्रक में कोई प्रभाव नहीं हो सकता है पर एक नजर से सोचा जा सकता है की करेंट को अर्थिंग ट्रक में भरे कोल को खाली करते समय जमीन में कोल के छूते ही प्राप्त हुई है जिससे की करेंट को अर्थिंग मिल गया और ट्रक में भरे कोयले में आग लग गई और करेंट के चलते ड्राइवर की मौत हो गई या हेवी करेंट के चलते टायर के होने का कोई प्रभाव नहीं हुआ और ट्रक में करंट फैल गया। जिससे की ट्रक में भरे गर्म कोयले में आग लग गई और ड्राइवर की करेंट के चलते मौत हो गई।
 
हालाकि घटना को ऊपरी नजर से देखने से ये समझा जा सकता है की ड्राइवर की मौत ट्रक में फैले करेंट और आगा से जल कर हुई, और कोल प्रबंधकों की लापरवाही से हुई है ।
 इतने गंभीर मामले में अभी तक पुलिस के द्वारा अपराध दर्ज नही करना, सिर्फ जांच के नाम से भ्रमित करने कई संदेहों को जन्म देता है। जबकि अपराध साफ है एक ब्यक्ति की किसी की लापरवाही की वजह से मौत हुई है।
 
कोटा थाना प्रभारी दिनेश चंद्रा जी से इंडिया क्राइम न्यूज़ ने बात किया तो उन्होंने बताया कि इस गंभीर हादसे की जाँच कर रहे है, कोल डीपो की लापरवाही और उसके अन्य दस्ताबेजो की भी जाँच कर जल्द ही अपराध दर्ज करेंगे।
 
अब देखना होगा कि उस मृत ड्राइबर की आत्मा और उसके परिजनों को इंसाफ मिलता है कि नही, और कब तक..या उसकी आत्मा पूंजीवाद,बड़े लोगो के प्रभाव के बोझ के नीचे दबकर चीखती ही रहेगी इंसाफ के लिए।
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