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*चौदहवें बित्त मद से एक पंचायत में बड़ी गड़बड़ी की आशंका पर हुई शिकायत, बन्द पड़े बिजली सैयन्त्र, की मरम्मत के नाम से निकाली गई लाखो की धनराशि।*

*चौदहवें बित्त मद से एक पंचायत में बड़ी गड़बड़ी की आशंका पर हुई शिकायत, बन्द पड़े बिजली सैयन्त्र, की मरम्मत के नाम से निकाली गई लाखो की धनराशि।*

पूर्व स्थानापन सरपंच एवं प्रभारी सचिव ने मिलकर वर्षों से बंद पड़े बिजलीघर मरम्मत के नाम पर 14वे वित्त से निकाल ली 1 लाख 80 हजार की राशि, कलेक्टर से की गई शिकायत*

*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*

*बिलासपुर-  कोरबा-पाली:-* शासन द्वारा ग्राम विकास एवं ग्रामीणों के मूलभूत आवश्यकताओं हेतु पंचायत को जारी 14वे वित्त की राशि पर पूर्व स्थानापन सरपंच एवं प्रभारी सचिव ने मिलकर डांका डाला। जहां वर्षों से बंद पड़े बायोमास आधारित बिजलीघर मरम्मत के नाम पर एक लाख अस्सी हजार की राशि आहरण कर बंदरबांट करने का शिक़ायत कर्ता ने लगाया आरोप।

*मामला पाली जनपद अंतर्गत बीहड़ वनांचल एवं दूरस्थ ग्राम पंचायत जेमरा का है* जहां विगत वर्ष 2015- 16 में यहां के सरपंच राजकुमार जगत एवं सचिव चंद्रभूषण सिंह तंवर को शौचालय निर्माण की राशि गमन मामले में प्रशासन ने निलंबित कर जेल भेज दिया था।

इस बीच यहां के पंच जानसिंह को स्थानापन सरपंच बनाया गया था जबकि सचिव रामकुमार टेकाम को प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी जिन्होंने मिलकर लगभग 11 वर्षों से बंद पड़े जेमरा स्थित बिजलीघर मरम्मत के नाम पर 1 लाख एवं बगदरा बिजलीघर मरम्मत के नाम पर 80 हजार की राशि का 14वे वित्त मद से आहरण कर उस राशि का बंदरबांट कर लिया गया।

जिसकी बीते 30 जनवरी को जेमरा में कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा लगाए गए जन चौपाल में यहां के वार्ड पंच रामायण दास पंथ द्वारा लिखित शिकायत कर राशि वसूली किये जाने व गबनकारियों पर उचित कार्यवाही की मांग की गई है।

ज्ञात हो कि कोरबा एनटीपीसी द्वारा गत 2006 में ग्राम जेमरा एवं बगदरा में बायोमास आधारित बिजलीघर की स्थापना की गई थी। जिसमे एक घँटे विद्युत उत्पादन के लिए 30 किलोग्राम सूखी लकड़ी खपत होती थी। लेकिन बाद में यह विद्युत संयंत्र 2009 में पूर्ण रूप से बंद हो गया था, जिसके मशीनरी कलपुर्जे भी धीरे- धीरे गायब होते चले गए और तब से दोनों बिजलीघर खण्डहरनुमा रूप से पड़े हुए है। जिसके मरम्मत के नाम पर वर्ष 2015- 16 में एक लाख अस्सी हजार की राशि पूर्व स्थानापन सरपंच एवं प्रभारी सचिव द्वारा निकाल ली गई। जानकारों की माने तो यह गलत आहरण हुवा है जिसकी शिकायत  उचित जांच के लिए की गई है। अब  देखने वाली बात यह होगी कि कलेक्टर को दिए गए शिकायत पर क्या कार्यवाही होती है, और कब होती है।

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