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*जंगलों में आग लगने तथा भीषण गर्मी के कारण, भोजन,पानी की तलाश में हाथियों का दल गांवों की तरफ बढ़ता है, और करते है धन,जन की छती, यही हालत इस समय कटघोरा बनमण्डल के जंगल से लगे गांवों की है। दहसत में है वँहा के लोग।*

*जंगलों में आग लगने तथा भीषण गर्मी के कारण, भोजन,पानी की तलाश में हाथियों का दल गांवों की तरफ बढ़ता है, और करते है धन,जन की छती, यही हालत इस समय कटघोरा बनमण्डल के जंगल से लगे गांवों की है। दहसत में है वँहा के लोग।*

*आर डी गुप्ता*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*

*पसान रेंज में हाथियों का बढ़ा उत्पात, तोड़े आधा दर्जन मकान,डर में जी रहे ग्रामीण।*

 

*बिलासपुर*--- *इस समय कोरबा कटघोरा धरमजयगढ़ जो हाथियों के दाल के लिए सुरक्षित जंगल के रूप में जाना जाता है। वँहा से अब हाथी गर्मी ,जंगलों में आग लगने के कारण पानी और खाने की तलाश में जंगलों से लगे गाँवो की ओर रुख करते हैं,*

*इसी तरह बिगत दिनों कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में, भूख प्यास से पीड़ित हाथियों का दल एक गाँव पहुँच गया। गर्मी में हाथियों का उत्पात थमने के बजाए और भी बड़ता जा रहा है। लगभग 13 की संख्या में काफी दिनों से घुम रहे हाथियों ने शनिवार की रात रेंज के दो गांवों में एक बार फिर भारी छती पहुचाई ।*

*इस दौरान हाथियों ने ग्राम जलके व सेमहरा में आधा दर्जन ग्रामीणों के मकान तोड़ दिये। हाथियों का उत्पात  रात भर चलता रहा।*

*इस घटना से ग्रामीण पूरी तरह डरे सहमे रहे और मारे डर के रात भर जागते रहे।फिर किसी ने वन विभाग के अमले को सूचना दी। तब सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला रात में मौके पर पहुंचा और हाथियों को खदेड़ने की कवायद शुरू की। वन अमले द्वारा खदेड़े जाने पर हाथी जंगल की ओर भाग निकले। तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।*

*जानकारी के अनुसार पसान रेंज में 13 हाथियों का दल डेरा डाले हुए है। इस दल में शामिल 12 हाँथी शनिवार की रात रेंज के ग्राम सेमहरा पहुंच गए और वहां पहुंचते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान हाथियों ने दो ग्रामीणों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिये तथा वहां रखे धान चावल व अन्य सामाग्रियों को खा कर खत्म कर दिया। जिस समय हाथियों ने यहां ग्रामीणों के मकान को निशाने पर लिया उस समय मकान मालिक व उसके परिवार सो रहे थे।*

*हाथियों की चिंघाड़ व आहट सूनकर जागे और मकान के एक हिस्से में छिपकर अपनी जान बचाई और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और मशाल जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों का उत्पात रातभर चला। इस दौरान सेमहरा गांव की गलियां वन्यप्राणी की चिंघाड़ से गुंजती रहीं।*

*प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी  रेंज के ही सूखा बहरा में घूम रहे उत्पाती दंतैल भी शनिवार को ग्राम जलके पहुंच गया था। दंतैल हाथी ने भी यहां भारी उत्पात मचाया तोड़ फोड़ की। जानकारी मिली की इस दौरान उसने 4 ग्रामीणों के मकान तोड़ दिये। उत्पाती दंतैल के जलके पहुंचने और ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त किये जाने की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी वहां पहुंचे और उत्पात मचा रहे दंतैल को किसी तरह काबू किया और जंगल की ओर खदेड़ा। वन विभाग के स्टाफ को इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हाथियों के दलों के द्वारा भोजन की तलाश में इस तरह के हादसे ज्यादा होते है।वन विभाग को इसके लिये कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है जिससे धन जन की हानी को रोक जा सके।*

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