breaking post New

*पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर वर्दी की छवि धूमिल करने में तुले, मारपीट के पीड़ित पत्रकार से अश्लील गाली- गलौच करते हुए थाने से भगाया*

*पसान थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर वर्दी की छवि धूमिल करने में तुले, मारपीट के पीड़ित पत्रकार से अश्लील गाली- गलौच करते हुए थाने से भगाया*

*इंडिया क्राइम न्यूज़*

*कोरबा/पसान:-* अपराध के ग्राफ में जिले के समस्त थाना- चौंकी की पीछे छोड़ चले पसान थाना के पुलिस अधिकारी- कर्मचारी वर्दी की छवि को धूमिल करने में कोई कोर- कसर नही छोड़ रहे है। इसके बावजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है। स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी है कि अवैध रेत के कारोबार करने वाले स्थानीय माफियाओं का अड्डा पसान थाना बनता जा रहा है। जहां पीड़ितों को फटकार व दुत्कार और अपराधियों की आवाभगत के मामले में यह थाना सुर्खिया बटोर रहा है। वहीं गंभीर अपराध सहित मारपीट के आरोपी नोट के बंडल के सहारे धाराएं कम करवा कर थाना से ही मुचलका पर छूट रहे है। यही कारण है कि राजनैतिक पकड़ व अधिकारियों की सेवा भक्ति सहित अन्य विशेष कारणों से इस थाना में पदस्थ प्रभारी उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर अपने शीर्ष अधिकारियों के आंख का तारा बने बैठे है। तलवारबाजी को साधारण मारपीट, लूट जैसी गंभीर वारदात को महज चोरी की घटना बताने में माहिर पसान थाना प्रभारी सहित मातहम अधिकारी- कर्मचारी आईपीसी, सीआरपीसी के धाराओं के साथ मानो खेल रहे है। जिससे फरियादी व आम जनता काफी त्रस्त हो चुके है। ऐसे में अपराधी प्रवृत्ति के लोग व अवैध धंधा के कारोबारी चांदी काट रहे है। जिसका फायदा यहां के थाना में पदस्थ अधिकारी से लेकर आरक्षकों तक को हो रहा है। जिससे इनका रवैया अपराधियों के साथ पुलिस जैसा न होकर दोस्ताना है। पसान पुलिस अवैध रेत कारोबार को चलने देने के लिए रेत परिवहन के हिसाब से रकम तय करते है। रही बात इंट्री की तो वह अलग से। प्रतिमाह लाखों रुपए का वारा- न्यारा करने वाले इस थाना के अधिकारियों की करतूत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी है। इसके बावजूद न तो कोई चेतावनी और न ही अनुशासनात्मक कार्यवाही करना सीधे तौर पर मौन सहमति की ओर इंगित करता है। आज हुए एक मारपीट की घटना पर गौर करें तो पसान निवासी पत्रकार रितेश गुप्ता द्वारा स्थानीय स्तर पर हो रहे अवैध रेत खनन एवं परिवहन से संबंधित खबरों का लगातार प्रकाशन किया जाता रहा है। जिसे संज्ञान में लेकर पसान वन विभाग द्वारा आज रेत से भरे एक ट्रेक्टर को जब्त कर वन विभाग परिसर में ले जाकर खड़ा किया गया। जिसके कार्यवाही से संबंधित जानकारी देने के लिए पत्रकार रितेश को वन अधिकारियों द्वारा पसान परिक्षेत्र कार्यालय बुलाया गया। जहां जानकारी लेने जब उक्त पत्रकार रेंज कार्यालय पहुँचा तब ट्रेक्टर जब्ती से बौखलाए रेत माफिया यूसुफ खान द्वारा रितेश पर डंडे से जानलेवा हमला कर दिया गया। जिससे उसको गंभीर चोटें आई। पत्रकार रितेश ने घटना की सूचना अपने भाइयों को दी, जिन्होंने मौके पे पहुँचकर जख्मी पत्रकार को सीधे पसान थाने लेकर पहुँचे, जहां उपस्थित थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रहलाद राठौर को घटनाक्रम से अवगत कराया गया, किंतु थाना प्रभारी राठौर पीड़ित पक्ष की आपबीती सुनने पश्चात एकाएक भड़क गए और जख्मी पत्रकार को जमकर अश्लील गाली- गलौच करते हुए धारा 384 में अंदर कर देने की बात कहते हुए उन्हें थाने से भगा दिया। दूसरी ओर थाना प्रभारी द्वारा आरोपी पक्ष की ओर से पीड़ित पक्ष के खिलाफ सुनियोजित तरीके से कानूनी कार्यवाही किये जाने की बातें सामने आ रही है। हैरत की बात है कि पीड़ित को चमका- धमकाकर थाने से भगाने के बाद थाना प्रभारी द्वारा आरोपी को पक्षकार का दर्जा प्रदान किया जा रहा है। पसान पुलिस के इस पुलिस वाले गुंडे जैसी करतूत से वर्दी की छवि दागदार हो रही है जिस पर लगाम लगाने की महती आवश्यकता है।

Get Loan

Comments