कोरबा/पाली:- पूर्व में एक अन्य पंचायत का कार्यभार सम्हालने के दौरान बिना काम कराए पंचायत मद के लाखों की राशि गबन करने के मामले में महीनों निलंबित रहने वाले शातिर सचिव ने बहाली पश्चात वर्तमान सम्हाल रहे पंचायत में भी सरपंच के साथ मिलकर बिना काम कराए फर्जी बिल के माध्यम से राशि आहरण कर बंदरबांट को अंजाम दे दिया। यह बंदरबांट का मामला उजागर होने पर अब उक्त कार्य को सरपंच- सचिव आनन- फानन में पूर्ण कराया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले के पाली जनपद पंचायत अंतर्गत शातिर सचिव चंद्रिका प्रसाद तंवर के द्वारा पूर्व में ग्राम रतखण्डी एवं लाफा पंचायत की जिम्मेदारी सम्हालने के दौरान अनेक प्रकार के अनियमितता को अंजाम दिया गया। जहां रतखण्डी में पंचायत मद के लाखों की राशि बिना काम के आहरण करने के मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। महीनों निलंबन के बाद बहाली पश्चात वर्तमान में उक्त सचिव को बारीउमराव ग्राम पंचायत की जवाबदारी सौंपी गई है, किंतु शातिर सचिव अपने कारगुजारी से बाज नही आ रहा, और इस पंचायत में भी सरपंच से सांठगांठ व मिलीभगत कर स्कूल और आंगनबाड़ी भवन में रनिंग वाटर स्थापना (बोर खनन कराकर सबमर्सिबल पम्प व सिंटेक्स के जरिये शुद्ध पेयजल की उपलब्धता) के नाम पर फर्जी बिल के सहारे लाखो की राशि आहरण कर बंदरबांट कर लिया गया। यह बंदरबांट उजागर होने पर अब सरपंच- सचिव द्वारा अपनी कारगुजारी छिपाने रनिंग वाटर के कार्य को आनन- फानन में कराया जा रहा है। क्योंकि बिना काम कराए फर्जी बिल से राशि आहरण मामले को जबतक सम्बंधित अधिकारी संज्ञान में लेकर मौके का जांच- निरीक्षण करने पहुचेंगे, तबतक सब कुछ ठीकठाक हो चुका होगा और अधिकारी भी घूमघाम कर वापस चले जाएंगे। बहरहाल आम आदमी पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष कोरबा प्रकाश महंत द्वारा सरपंच- सचिव के इस अनियमितता सहित अन्य गड़बड़झाले को लेकर जल्द ही कलेक्टर से शिकायत कर जांच व कार्यवाही की मांग करेंगे। लेकिन इसके पहले यह देखना होगा कि इस अनियमितता को पकड़ पाने में अधिकारी कितनी फुर्ती दिखाते है.?

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