विकासखण्ड शिक्षाधिकारी पोड़ी- उपरोड़ा ने अनुपस्थित भृत्य को दिया 2220 दिन का अवकाश..
भ्रष्ट्राचार मामले में कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, एसडीएम के नेतृत्व में 2 सदस्यीय टीम करेगी जांच
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोरबा/पोड़ी- उपरोड़ा:- प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के पोड़ी- उपरोड़ा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चौंकाने वाला मामला सामने आया था, जिसे 23 सितंबर को प्रमुखता से प्रसारित किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील कलेक्टर संजय कुमार झा ने जांच के आदेश दिए है। जांच टीम में पोड़ी- उपरोड़ा एसडीएम एवं जिला कोषालय के लेखाधिकारी को शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि हायर सेकेण्डरी स्कूल पसान में पदस्थ भृत्य बहादुर राम को वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बगैर बीईओ कार्यालय पोड़ी- उपरोड़ा में अटैच कर दिया गया, अटैच होने के बाद बहादुर राम कभी कार्यालय आया ही नही और 2220 दिन तक अनुपस्थित रहा। बीईओ पोड़ी- उपरोड़ा के तत्कालीन बीईओ एलएस जोगी तथा बाबू प्रदीप कुमार मिश्रा, छवि कुमार गहिरवाल ने भृत्य से सांठ- गांठ कर भृत्य बहादुर राम के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय 89 अलग- अलग आदेश निकालकर 2220 दिन के अवकाश की स्वीकृति दे दी और तनख्वाह के रूप में 13, 57, 122 (तेरह लाख सन्तावन हजार एक सौ बाईस रुपए) जारी कर दी और इस तरह शासन को लाखों का चूना लगाकर चारो ने मिल बांटकर अपनी- अपनी जेबें भरी। इस तरह का मामला शायद पूरे छत्तीसगढ़ में कहीं नही आया होगा कि एक कर्मचारी को 2220 दिन का अवकाश मिला हो। यह चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आने के बाद विकासखण्ड शिक्षाधिकारी पोड़ी- उपरोड़ा कार्यालय में चौंकाने वाला भ्रष्ट्राचार का अनोखा खेल! एक ही कर्मचारी का 2220 दिन का अवकाश स्वीकृत कर शासन को लगाया साढ़े 13 लाख का चूना, तत्कालीन बीईओ जोगी और बाबुओं का कमाल शीर्षक से खबर प्रसारित किया गया, जिसे संवेदनशील कलेक्टर संजय कुमार झा ने संगीन मानते हुए जांच के आदेश दे दिए और पोड़ी- उपरोड़ा एसडीएम व जिला कोषालय के लेखाधिकारी को निर्देशित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। भ्रष्ट्राचार का यह मामला खबर के माध्यम से उजागर होने के बाद विकासखण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में जांच के बाद तत्कालीन बीईओ एलएस जोगी, क्लर्क प्रदीप कुमार मिश्रा और छवि कुमार गहिरवाल के खिलाफ कार्यवाही के साथ रिकव्हरी भी हो सकती है। मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है।
बाबुओं ने कार्यालय को बना रखा है भ्रष्ट्राचार का अड्डा
यहां भ्रट्राचार का खेल यहीं पर समाप्त नही हुआ, बल्कि यहां एक और मामला सामने आया है। पुष्ट सूत्रों ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है उसके अनुसार भृत्य प्रफुल्ल खलखो की बीमा राशि 1 लाख 66 हजार रुपए का भी बाबुओं द्वारा गबन कर लिया गया और पीड़ित परिवार को आज तक बीमा राशि का भुगतान नही मिला तथा वह बीईओ आफिस का चक्कर काट- काटकर थक चुका है। इस मामले में प्रदीप कुमार मिश्रा का कारनामा बताया जा रहा है। जनपद सदस्य जायसवाल ने आरोप लगाया है कि प्रदीप कुमार मिश्रा ने उक्त बीमा राशि का गबन कर लिया। यहां पदस्थ सहायक ग्रेड- 3 छवि कुमार गहिरवाल भी भ्रष्ट्राचार का मास्टरमाइंड है, जिसने शासकीय चेक 35 हजार की राशि को अपने नाम से स्वयं जारी कर और इलाहाबाद बैंक से आहरण कर लिया। समाचार प्रसारित होने के बाद गहिरवाल द्वारा इस राशि को अन्य खर्चे में समायोजन करने की कोशिश की जा रही है, ताकि जांच से बच सके, लेकिन मामला खबर के माध्यम से उजागर होने के बाद उसकी कोशिश अभी तक नाकाम हो गई है। इस तरह कई मामले यहां भ्रष्ट्राचार के आए है। जांच टीम द्वारा कई बिंदुओं में जांच प्रारंभ कर दी गई है।
अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारी कर उन्हें विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय में बुलाया जाता है और सेटलमेंट के जरिये उनसे बड़ी राशि लेकर अनुपस्थित के दिनों को अवकाश में बदल दिया जाता है। इस तरह शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। जिन अनुपस्थित शिक्षकों की अनुपस्थिति को अवकाश में बदला गया, उनमें जो नाम प्रकाश में आए है वे- वीरेंद्र राठिया, विजय कुमार कुजूर, आसिफ खान, महावीर ताड़िया के नाम प्रमुख है। जांच में और कई शिक्षकों के नाम भी सामने आ सकते है, जिनसे मोटी रकम लेकर अनुपस्थिति को अवकाश में बदला गया है। भ्रष्ट्राचार का यह मामला सामने आने के बाद बीईओ कार्यालय पोड़ी- उपरोड़ा में भ्रष्ट्राचारियों के खिलाफ कार्यवाही की तलवार लटक गई है, जिससे बचने तत्कालीन बीईओ एलएस जोगी व बाबुओं द्वारा अपने एप्रोच का फायदा उठाने की नाकाम कोशिश की जा रही है, लेकिन कोरबा जिले के संवेदनशील कलेक्टर संजय कुमार झा ने भ्रष्ट्राचार के मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है और एसडीएम तथा लेखाधिकारी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर द्वारा कार्यवाही की जाएगी।
डीईओ ने कहा- कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, पोड़ी- उपरोड़ा एसडीएम से नही हो सका संपर्क
जिला शिक्षाधिकारी जीपी भारद्वाज ने बताया कि मामला काफी संगीन है, तथा इस मामले को कलेक्टर श्री संजय कुमार झा ने गंभीरता से लिया है, और पोड़ी- उपरोड़ा एसडीएम व जिला कोषालय के लेखाधिकारी की दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम द्वारा कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपने के बाद कलेक्टर द्वारा कार्यवाही की जाएगी। वहीं पोड़ी- उपरोड़ा एसडीएम नंद जी पाण्डेय से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नही हो पाया।
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