गौरी गौरा का विवाह लोकउत्सव के रूप में कोटा में मनाया गया।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- कोटा में गौरी गौरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया । छत्तीसगढ़ में गौरा गौरी उत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। गऊरा है शिव तथा गऊरी है पार्वती। यह लोक उत्सव हर साल दीवाली और लक्ष्मी पूजा के बाद मनाया जाता है। कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष अमावस्या के वक्त यह उत्सव मनाया जाता है। इस पूजा में सभी जाति समुदाय के लोग शामिल होते हैं।


कल रात फिरंगीपारा इस्थित रामचरित मानस प्रांगण में गऊरा गऊरी की पूजा की गई । जिसमे वरपक्ष से वार्ड नंबर 04 के पार्षद अमरनाथ साहू जी के परिवार एवम समस्त महोल्ले वाशी रहे और वधूपक्ष की ओर से रमेश गुरुजी के परिवार एवम समस्त महोल्ले वासी रहे। जिसमे अमरनाथ साहू जी के घर से बारात फिरंगीपारा रामचरित मानस भवन में आई और वहा बड़े ही धूमधाम के साथ माता पार्वती और भगवान शिव की शादी बैगा रीति रिवाज से कराई गई जिसमे इस बार पंडित की भी भूमिका रखी गई । पूजा में मोहल्ले एवम नगर के लोगो मे बड़ा ही उत्साह देखा गया । जिसमे की लगभग पांच सौ से अधिक श्रद्धालुवो की मौजूदगी रही ।

पूजा संपन्न होने के बाद आज शाम में बैंड बाजे के साथ अनेक श्रद्धालुवो द्वारा माता पार्वती और भगवान शिव को नगर भ्रमण कराया गया । जिसमें अनेक लोगों ने अपने अपने घरों के सामने गोबर से लीप कर उस पर रंगोली बना कर माता पार्वती और भगवान शिव का स्वागत कर पूजा की और भेट भी चढ़ाया । फिर माता पार्वती और भगवान शिव की मूर्ति को फिरंगीरपारा के बंधवा तालब में विसर्जन करा दिया गया। जिसके साथ यह पूजा संपन्न हुई।


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