पद का दुरुपयोग..हो गए निलम्बित।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कांकेर-- प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिला के पखांजूर में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने परलाकोट जलाशय का पानी इसलिए खाली करवा दिया क्योंकि सेल्फी लेते वक्त जलाशय में उनका मोबाइल गिर गया था।

अपने मोबाइल की तलाश के लिए फूड इंस्पेक्टर ने पद का दुरुपयोग करते हुए और बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ही, डीजल पंप लगवा कर 21 मई से लगातार 4 दिन में लगभग 21 लाख लीटर पानी खाली करवा दिया।
उसके इस कृत्य से जहां पानी की बर्बादी हुई वहीं किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध होने वाले पानी और आम लोगों के पेयजल व निस्तारी के लिए उपयोग होने वाला लाखों लीटर पानी बेवजह बहा दिया गया,साथ ही ऐसी भीषण गर्मी में जानवरों को भी पानी पीने का संकट खड़ा हो गया।
फूड इंस्पेक्टर की इस हरकत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम के जांच प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने यह कार्यवाही की है। एक तरफ जब केंद्र सरकार राज्य सरकार पानी की बचत के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए अपील की जा रही है, भीषण गर्मी में लोगों को सही ढंग से पानी नसीब नहीं हो पा रहा है तब ऐसे में फूड इंस्पेक्टर के द्वारा पद का इस तरह दुरुपयोग करने पानी खाली करवाने की बात समझ से परे है आखिर ऐसा क्या था मोबाइल में। कलेक्टर महोदय के द्वारा की गई कार्यवाई की चर्चा जोरों पर है।
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कांकेर-- प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिला के पखांजूर में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने परलाकोट जलाशय का पानी इसलिए खाली करवा दिया क्योंकि सेल्फी लेते वक्त जलाशय में उनका मोबाइल गिर गया था।

अपने मोबाइल की तलाश के लिए फूड इंस्पेक्टर ने पद का दुरुपयोग करते हुए और बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ही, डीजल पंप लगवा कर 21 मई से लगातार 4 दिन में लगभग 21 लाख लीटर पानी खाली करवा दिया।
उसके इस कृत्य से जहां पानी की बर्बादी हुई वहीं किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध होने वाले पानी और आम लोगों के पेयजल व निस्तारी के लिए उपयोग होने वाला लाखों लीटर पानी बेवजह बहा दिया गया,साथ ही ऐसी भीषण गर्मी में जानवरों को भी पानी पीने का संकट खड़ा हो गया।
फूड इंस्पेक्टर की इस हरकत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम के जांच प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने यह कार्यवाही की है। एक तरफ जब केंद्र सरकार राज्य सरकार पानी की बचत के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए अपील की जा रही है, भीषण गर्मी में लोगों को सही ढंग से पानी नसीब नहीं हो पा रहा है तब ऐसे में फूड इंस्पेक्टर के द्वारा पद का इस तरह दुरुपयोग करने पानी खाली करवाने की बात समझ से परे है आखिर ऐसा क्या था मोबाइल में। कलेक्टर महोदय के द्वारा की गई कार्यवाई की चर्चा जोरों पर है।
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