कांग्रेश के दो गुटों पर हुई मारपीट.. भविष्य में जानलेवा बन सकती है।
इंडिया क्राइम न्यूज़
बिलासपुर-- ब्यापारियों का शांत शहर बिलासपुर अब दहसत गर्दियों का हो रहा शिकार, प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर में दो गुटों के बीच फिर हुई जमकर मारपीट.. सिविल लाइन थाने में धरने पर बैठे रहे युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और उनके साथी।
दरअसल में कभी शांति का शहर कहा जाने वाला बिलासपुर अब गुटों की लड़ाई में पिसता नजर आ रहा है.. भले ही बिलासपुर पुलिस द्वारा निजात अभियान चलाकर नशे पर रोक लगाया जा रहा है.. लेकिन दूसरी ओर, गैंगवार की घटना लगातार बिलासपुर पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है। एक बार फिर बिलासपुर में दो गुटों में मारपीट की घटना देखने को मिली जो बिलासपुर को शर्मसार कर देने वाली घटना है।
आपको बता दे तालापारा में मारपीट में हत्या हो या फिर होटल हेवेन्स पार्क के सामने या फिर पुराने बस स्टैंड की घटना हो,या फिर जरहाभाठा में खुले आम चाक़ूबाजी की घटना हो, कही न कही गैंगवार दहसतगर्दी भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। जो भविष्य के लिए अच्छा संदेस नहीं है,दरसल यंहा दोनों गुट कांग्रेस समर्थित लोगों का है,जिनमे मारपीट हुई।
सूत्रों की माने तो.. यह लड़ाई पोस्टर में फोटो न लगाने,और एक गुट के दूसरे गुट के प्रति खुन्नस रखने को लेकर हुई है,जिसे पुरानी रंजिश भी कहा का सकता है....क्योंकि कुछ दिन पहले दोनों के बीच मस्तूरी में एक नेता के स्वागत में भी जमकर विवाद हुआ था,लेकिन किसी तरह मामला ठंडा पड़ गया था।
समय रहते यदि पुलिस निष्पक्ष करवाई करती है तो ऐसे अपराधों को रोक जा सकता है, क्योकि इससे जनता के बीच दहसत भी फैल रही है।
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बिलासपुर-- ब्यापारियों का शांत शहर बिलासपुर अब दहसत गर्दियों का हो रहा शिकार, प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर में दो गुटों के बीच फिर हुई जमकर मारपीट.. सिविल लाइन थाने में धरने पर बैठे रहे युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और उनके साथी।
दरअसल में कभी शांति का शहर कहा जाने वाला बिलासपुर अब गुटों की लड़ाई में पिसता नजर आ रहा है.. भले ही बिलासपुर पुलिस द्वारा निजात अभियान चलाकर नशे पर रोक लगाया जा रहा है.. लेकिन दूसरी ओर, गैंगवार की घटना लगातार बिलासपुर पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है। एक बार फिर बिलासपुर में दो गुटों में मारपीट की घटना देखने को मिली जो बिलासपुर को शर्मसार कर देने वाली घटना है।
आपको बता दे तालापारा में मारपीट में हत्या हो या फिर होटल हेवेन्स पार्क के सामने या फिर पुराने बस स्टैंड की घटना हो,या फिर जरहाभाठा में खुले आम चाक़ूबाजी की घटना हो, कही न कही गैंगवार दहसतगर्दी भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। जो भविष्य के लिए अच्छा संदेस नहीं है,दरसल यंहा दोनों गुट कांग्रेस समर्थित लोगों का है,जिनमे मारपीट हुई।
सूत्रों की माने तो.. यह लड़ाई पोस्टर में फोटो न लगाने,और एक गुट के दूसरे गुट के प्रति खुन्नस रखने को लेकर हुई है,जिसे पुरानी रंजिश भी कहा का सकता है....क्योंकि कुछ दिन पहले दोनों के बीच मस्तूरी में एक नेता के स्वागत में भी जमकर विवाद हुआ था,लेकिन किसी तरह मामला ठंडा पड़ गया था।
समय रहते यदि पुलिस निष्पक्ष करवाई करती है तो ऐसे अपराधों को रोक जा सकता है, क्योकि इससे जनता के बीच दहसत भी फैल रही है।
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