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*शिक्षा विभाग का बड़ा कारनामा.. फिर अनुकम्पा नियुक्ति में गड़बड़झाला आया सामने..फर्जी नियुक्ति देने वालों पर कार्यवाही नही।*

*शिक्षा विभाग का बड़ा कारनामा.. फिर अनुकम्पा नियुक्ति में गड़बड़झाला आया सामने..फर्जी नियुक्ति देने वालों पर कार्यवाही नही।*
शिक्षा विभाग का बड़ा कारनामा.. फिर अनुकम्पा नियुक्ति में गड़बड़झाला आया सामने..फर्जी नियुक्ति देने  वालों पर कार्यवाही नही।

बिलासपुर जिला शिक्षा विभाग बटोर रहा सुर्खियां.. फर्जी नियुक्तियों के मामले में..  एक के बाद एक फुट रहे बम।


इंडिया क्राइम न्यूज़

बिलासपुर--जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मनमानी तरीके से काम करने के कई मामले सामने आए परंतु इनदिनों फर्जी अनुकम्पा नियुक्ति बम फूट रहा है,सीरियल ब्लास्ट करने में लगा शिक्षा बिभाग बिलासपुर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

उनतालीस नियुक्तियों में पाँच फर्जी नियुक्ति के मामले सामने आ चुके है, अभी कोटा विकासखण्ड का मामला उभर कर सामने आया है यँहा भी तत्कालीन प्रभारी डीईओ पी दासरथी द्वारा नियमों को दरकिनार कर परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी में होने के बाद भी कुमारी योगेश्वरी सूर्यबंशी को सहायक ग्रेड तीन की नौकरी दी गई और इनकी नियुक्ति पदस्थापना हाईस्कूल सजपाली कोटा में कर दी गई।

इस मामले की शिकायत होने के बाद डी ई ओ ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाब मंगा।जाँच में शासन के नियमों के खिलाफ जा कर फर्जी तरीके से नौकरी देने का मामला सही पाया गया। इसी को आधार मानते हुए डी ई ओ एस के प्रसाद ने शासकीय हाईस्कूल साजापाली बिकास खण्ड कोटा में पदस्थ क्लर्क सहायक ग्रेड तीन कुमारी योगेश्वरी सूर्यबंशी को सेवा से बर्खास्त कर दिया।


इसके पूर्व फर्जी नियुक्ति से सेवा कर रहे चार लोगो  को बर्खास्त किया जा चुका है---इसमे शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खोंगसरा में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन विकल्प श्रीवास्तव, दूसरे शासकीय हाईस्कूल सिलतरा में पदस्थ सहायक ग्रेड तीन मनीष कुर्रे, तीसरे--शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लाखासर में कार्यरत सहायक ग्रेड तीन श्वेता सिंह, चौथे--शासकीय हाईस्कूल भाड़ी में कार्यरत सहायक ग्रेड तीन योगेश कुमार मिश्रा को बर्खास्त किया गया सेवा से बाहर किया गया है।

आश्चर्यजनक --फर्जी नियुक्ति से कार्य करने वालों पर कार्यवाही की गई ए तो सही रहा.. परन्तु वंही पर फर्जी तरीके से नौकरी देने वाले शातिर लोगो पर अभी तक कार्यवाही नही सिर्फ नोटिस-- ऐसा क्यों-- जैसे जो लोग इसमे सामिल थे  तत्कालीन प्रभारी डी ई ओ पी दासरथी इनके साथ जिला स्तरीय अनुकम्पा नियुक्ति के सदस्यों में बिल्हा बी ई ओ पी एस बेदी, बी ई ओ मस्तूरी  अश्वनी भारद्वाज, स्कूल बिल्हा के प्राचार्य रबीन्द्र कुमार, क्लर्क विकास तिवारी,और उस समय के ऑडिटर सी पी पाण्डेय के ऊपर अभी तक ठोस कार्यवाही नही किये जाना कई संदेह को जन्म देता है।
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