फक्ट्री से निकलने वाले धुंआ और स्मेल को काफी हद तक नियंत्रण करने में पाई कामयाबी।
फैक्ट्री के अंदर साफ सफाई में सीओ और प्रबंधन ने किए जबरदस्त प्रयास।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा-बिलासपुर-- बिगत कुछ महीनों या बर्षों से बहु चर्चित बेलकम डिसलरी छेरकाबाँधा काफी सुर्खियों में बनी हुई थी।कभी कोई जनप्रतिनिधि,तो कभी स्कूल प्रबंधन तो कभी किसान अपनी समस्यायों को लेकर बेलकम की शिकायत प्रसाशनिक अधिकारियों से करते रहे,कभी पर्यावरण का मुद्दा छाया रहा।मीडिया में खबरे प्रकाशित होती रही,इस बीच जानकारों की माने तो फैक्ट्री की जाँच भी हुई,जुर्माना भी हुआ, परंतु अनुभवी लोगों का कहना है कि जब भी ऐसी फैक्ट्रियां कंही भी संचालित होती है तो इस तरह की समस्याएं समय समय पर उत्पन्न होती रहती है। जैसे ही समस्यायें संज्ञान में प्रबंधन के अति है तो सुधार के भी समय समय पर उपाय सुनिश्चित किये जाते है।

अभी हाल में ही आये नए बेलकम डिसलरी के तेज तर्रार CEO(welcome distilleries pvt. Ltd.) साजू थ्रिलोचन ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया और इन शिकायतों के पीछे के कारणों का बड़ी बारीकी से अध्ययन किया, फिर बेलकम से उत्पन्न समस्यायों के निराकरण के लिए बेलकम प्रबंधन और स्टाफ,तथा मालिक के साथ बातचीत कर समस्यायों का हल करने का भर पूर प्रयास किया।
नए नए उपकरणों को लगवाया, जिससे धुंआ, पॉल्यूशन,की मात्रा को काफी हद तक कम किया गया, फैक्टरी के अंदर सभी जगह साफ सफाई को करवा कर गार्डनिंग, करवाई गई, सभी जगह उच्च क्वालटी में निगरानी सीसीटीव कैमरे लगवाए गए जिसकी मॉनीटरिंग स्वयं सीओ ऑफिस से बैठे बैठे करते है। फैक्ट्री के अंदर कितना उत्पादन,बॉटलिंग हो रही है कितने वर्कर कंहा कंहा काम कर रहे है एक एक पल की निगरानी ऑफिस में बैठे बैठे की जा रही रही है।
पता चला ही कि कुछ पुराने कर्मचारियों को फैक्ट्री से बाहर भी किया गया है। इस से भी फैक्ट्री में सुधार आया है।
कर्मचारियों की मांगों का भी निराकरण तुरंत किया जा रहा है। फ़ैक्टरी के अंदर पेय जल की समस्या थी कर्मचारियों के लिए जिसका समाधान सीओ ने प्रबंधन से मिल कर तुरंत किया।
फैक्ट्री से बाहर जाने वाले पानी को भी ट्रीट कर खाद बनाई जा रही है इसके लिए अलग से दो बड़े बड़े तालाब बनाये गए है जंहा पानी को साफ कर उससे खाद बनाने का काम किया जा रहा है।
सीओ ने बताया कि -हम पूरी तरह से समस्याओं को समाप्त करने में लगे है, जनता और आसपास के लोगों से फैक्ट्री प्रबंधन के अच्छे संबंध है, शिकायतें न हो या इनका निराकरण जल्दी हो जाये हम और प्रबंधन निरंतर प्रयासरत रहते है। परंतु कभी कभी लोगों के निजी स्वार्थों को उनकी मनशा के अनुरूप पूरा नहीं कर पाते तब ओ लोग शिकायत करवाते है। फक्ट्री से निकलने वाला पदार्थ हमारी फैक्ट्री ताजा गरम बेचती है उसमें बदबू बिल्कुल नही रहती,खरीदने वाले लोग उसको ले जाकर कई दिन रखते है मुर्गी दाना बनाते है तब उसमें दुर्गंध आती है, इसकी भी शिकायत बेलकम के नाम से की जाती है।जबकि इसमें बेलकम दोसी नही है।
फैक्ट्री के अंदर साफ सफाई में सीओ और प्रबंधन ने किए जबरदस्त प्रयास।
इंडिया क्राइम न्यूज़
कोटा-बिलासपुर-- बिगत कुछ महीनों या बर्षों से बहु चर्चित बेलकम डिसलरी छेरकाबाँधा काफी सुर्खियों में बनी हुई थी।कभी कोई जनप्रतिनिधि,तो कभी स्कूल प्रबंधन तो कभी किसान अपनी समस्यायों को लेकर बेलकम की शिकायत प्रसाशनिक अधिकारियों से करते रहे,कभी पर्यावरण का मुद्दा छाया रहा।मीडिया में खबरे प्रकाशित होती रही,इस बीच जानकारों की माने तो फैक्ट्री की जाँच भी हुई,जुर्माना भी हुआ, परंतु अनुभवी लोगों का कहना है कि जब भी ऐसी फैक्ट्रियां कंही भी संचालित होती है तो इस तरह की समस्याएं समय समय पर उत्पन्न होती रहती है। जैसे ही समस्यायें संज्ञान में प्रबंधन के अति है तो सुधार के भी समय समय पर उपाय सुनिश्चित किये जाते है।

अभी हाल में ही आये नए बेलकम डिसलरी के तेज तर्रार CEO(welcome distilleries pvt. Ltd.) साजू थ्रिलोचन ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया और इन शिकायतों के पीछे के कारणों का बड़ी बारीकी से अध्ययन किया, फिर बेलकम से उत्पन्न समस्यायों के निराकरण के लिए बेलकम प्रबंधन और स्टाफ,तथा मालिक के साथ बातचीत कर समस्यायों का हल करने का भर पूर प्रयास किया।
नए नए उपकरणों को लगवाया, जिससे धुंआ, पॉल्यूशन,की मात्रा को काफी हद तक कम किया गया, फैक्टरी के अंदर सभी जगह साफ सफाई को करवा कर गार्डनिंग, करवाई गई, सभी जगह उच्च क्वालटी में निगरानी सीसीटीव कैमरे लगवाए गए जिसकी मॉनीटरिंग स्वयं सीओ ऑफिस से बैठे बैठे करते है। फैक्ट्री के अंदर कितना उत्पादन,बॉटलिंग हो रही है कितने वर्कर कंहा कंहा काम कर रहे है एक एक पल की निगरानी ऑफिस में बैठे बैठे की जा रही रही है।
पता चला ही कि कुछ पुराने कर्मचारियों को फैक्ट्री से बाहर भी किया गया है। इस से भी फैक्ट्री में सुधार आया है।
कर्मचारियों की मांगों का भी निराकरण तुरंत किया जा रहा है। फ़ैक्टरी के अंदर पेय जल की समस्या थी कर्मचारियों के लिए जिसका समाधान सीओ ने प्रबंधन से मिल कर तुरंत किया।
फैक्ट्री से बाहर जाने वाले पानी को भी ट्रीट कर खाद बनाई जा रही है इसके लिए अलग से दो बड़े बड़े तालाब बनाये गए है जंहा पानी को साफ कर उससे खाद बनाने का काम किया जा रहा है।
सीओ ने बताया कि -हम पूरी तरह से समस्याओं को समाप्त करने में लगे है, जनता और आसपास के लोगों से फैक्ट्री प्रबंधन के अच्छे संबंध है, शिकायतें न हो या इनका निराकरण जल्दी हो जाये हम और प्रबंधन निरंतर प्रयासरत रहते है। परंतु कभी कभी लोगों के निजी स्वार्थों को उनकी मनशा के अनुरूप पूरा नहीं कर पाते तब ओ लोग शिकायत करवाते है। फक्ट्री से निकलने वाला पदार्थ हमारी फैक्ट्री ताजा गरम बेचती है उसमें बदबू बिल्कुल नही रहती,खरीदने वाले लोग उसको ले जाकर कई दिन रखते है मुर्गी दाना बनाते है तब उसमें दुर्गंध आती है, इसकी भी शिकायत बेलकम के नाम से की जाती है।जबकि इसमें बेलकम दोसी नही है।
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