*धान की फसल को नुकसान पहुँचाने के नाम पर आवारा घूम रहे जानवरों गायों को कुछ ग्रामीण रोक कर जानवर के मालिकों से वसूलते है 50 से 200 रुपये,*
*इंडिया क्राइम न्यूज़*
*लावारिस जानवरों को बाहर बेचने का भी हो रहा धंधा।*
*बिलासपुर--इस समय धान की फसल सभी तरफ खेतों में लगी है ऐसे में जानवरों गायों का खुला घूमना गाँवो में प्रतिबंधित हो जाता है। फिर भी कुछ लापरवाह किसान अपने जानवरों को खुला छोडदेते है जो खेतो में घुस कर फसल का नुकसान करते है, ऐसे में गाँवो में कांजी हाउस की ब्यवस्था रहती है, जंहा ऐसे मन मर्जी से घूमने वाले जानवरों को रोक कर बांधा जाये और उन्हें चारा खाने को दिया जाय, मालिक के आने पर उसे वापस किया जाय।*
*परन्तु कुछ जगहों पर लोगों ने इसे ब्यवसाय बना लिया है मिली जानकारी के अनुसार बिल्लीबन्द से कंचनपुर के रास्ते मे अरपापुल के पास बिगत दिन कई जानवरों, गायों को कुछ लोगों के द्वारा रोक कर रखा गया था, और जंगल से चर कर आने वाले जानवरों को भी रोक लिया जाता है,फिर 50 से 200 रुपये ले कर उन्हें मालिकों को वापस दिया जाता है। एक ब्यक्ति ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि उसकी भी गाय को रोक कर रखा गया था उसके साथ गली गलौच भी किये और 200 रुपये ले कर जानवर छोड़ने की बात कही। भटक कर अए हुये लावारिस जानवरों को बाहर बेच भी दिया जाता है,और किसी को भनक भी लगती, बाहर बाहर लोग अपने जानवरो को खोजते रहते है पता ही नही चलता।*
*इसके पूर्व भी पिछले साल जानवरों को बांधने, खाना न देने और सामूहिक रूप से कई जानवरों, गायों के मर जाने के मामले सामने आए थे, और काफी हड़कम्प मचा था, इसी तरह जानवरों के तस्करी के भी मामले पढ़ने सुनने को मिलते रहते है सावधान रहें अपने जानवरों को बांध कर रखें, ऐसी संदिग्ध गतिविधियाँ किसी को भी दिखती है तो डारे नही पुलिस विभाग को सूचित करें।*

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